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14 करोड़ की वाटर पार्क परियोजना के लिए जमीन मापने पहुंची टीम लौटी बैरंग

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वाटर पार्क के लिए जमीन पैमाइश का दूसरी बार ग्रामीणों ने किया विरोध

पहले श्मशान भूमि का दावा, अब खेती योग्य जमीन बताकर विरोध

फोटो : विरोध करते ग्रामीण

माला सिन्हा

पीपराकोठी : पंडित दीनदयाल उपाध्याय वानिकी एवं उद्यानिकी महाविद्यालय के समीप 14 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए जमीन की पैमाइश करने पहुंची प्रशासनिक टीम को सोमवार को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. दर्जनों महिला-पुरुषों ने भूमि को अपनी पुश्तैनी खेती योग्य जमीन बताते हुए पैमाइश कार्य रुकवा दिया, जिसके कारण अधिकारियों को बिना मापी किए लौटना पड़ा. सदर-2 डीएसपी जितेश पांडेय, अंचलाधिकारी सुनील कुमार, थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह, राजस्व कर्मचारी सबिता कुमारी और अमीन अनुरंजन कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद था. टीम ने जैसे ही पैमाइश शुरू करने की कोशिश की, ग्रामीणों ने इसका विरोध किया. ग्रामीणों का कहना था कि उनके पूर्वज वर्षों से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं. उन्होंने प्रशासन द्वारा इसे आम गैरमजरूआ भूमि बताकर वाटर पार्क निर्माण के लिए अधिग्रहित करने की प्रक्रिया को अनुचित बताया. यह दूसरी बार है जब वाटर पार्क के लिए चिन्हित भूमि की पैमाइश का विरोध हुआ है. इससे पहले भी ग्रामीणों ने एक अन्य चिन्हित भूमि को श्मशान घाट की जमीन बताकर पैमाइश रुकवा दी थी. अंचलाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में आम गैरमजरूआ दर्ज है और इसे वाटर पार्क निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है. सदर-2 डीएसपी जितेश पांडेय ने जानकारी दी कि ग्रामीणों के आग्रह पर उन्हें अपने पक्ष में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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