मोदी सरकार के 12 वर्ष, फ्रैजाइल फाइव से निकलकर 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा भारत: राधा मोहन सिंह
केसरिया में आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान बैठक में उमड़े भाजपा कार्यकर्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को केसरिया स्थित बुद्धा होटल एंड कैफेटेरिया में विशेष जनसंपर्क अभियान बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सह सांसद राधा मोहन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बीते 12 वर्षों में देश में आए आर्थिक और सामाजिक बदलावों का विस्तृत खाका पेश किया।
सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हर भारतीय के सपने की उड़ान है। उन्होंने 2013 के दौर को याद दिलाते हुए कहा कि वर्ष 2013 में भारत दुनिया की पांच सबसे नाजुक (फ्रैजाइल फाइव) अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था। लेकिन 2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की दिशा और सोच दोनों बदली। राजनीति अब राष्ट्रनीति बन चुकी है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी का आत्मनिर्भर भारत का नारा वैश्विक स्तर पर इतना गूंजा कि ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने इसे वर्ड ऑफ द ईयर घोषित किया।
राधा मोहन सिंह ने सरकार की आर्थिक नीतियों और टैक्स सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि जब सरकार की कमाई बढ़ी, तो वह पैसा जनता के कल्याण में लगाया गया। वर्ष 2014 में जहां केवल 2 लाख रुपये तक की आय टैक्स मुक्त थी, वहीं आज यह सीमा बढ़कर 12.75 लाख रुपये हो गई है। इससे करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब में पैसा बच रहा है। जीएसटी, फेसलेस टैक्स और डिजिटल इंडिया जैसे सुधारों से टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी है। जनता देख रही है कि उनका पैसा आधुनिक सड़कों, अस्पतालों और देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण में लग रहा है। यही रामराज्य का सच्चा संदेश है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने नया संसद भवन, भारत मंडपम और यशोभूमि जैसी इमारतों को आत्मनिर्भर भारत की बुनियादी सोच का जीवंत दर्पण बताया। उन्होंने कहा कि जल, थल और आकाश तीनों क्षेत्रों में भारत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। विज्ञान और तकनीक अब सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रगति जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए यह सीधे खेत, अस्पताल और घर-घर तक पहुंची है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।
श्री सिंह ने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी दिल्ली और दिलों से दूर माना जाता था, आज वह देश की समृद्धि का प्रवेश द्वार बन चुका है। बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने खुद 83 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है। आज पूर्वोत्तर के आठ राज्य अष्टलक्ष्मी के रूप में विकास की नई गाथा लिख रहे हैं।
इस विशेष जनसंपर्क बैठक में मुख्य रूप से बिहार मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन राज, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश सिंह और केसरिया विधानसभा के संयोजक आनंद सिंह सहित भारी संख्या में स्थानीय पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।












