spot_img
Sunday, July 19, 2026
Homeबिहारमोतिहारीशराब के साथ जब्त मुर्गों की रहस्यमयी सुपुर्दगी पर उठे सवाल, क्या...

शराब के साथ जब्त मुर्गों की रहस्यमयी सुपुर्दगी पर उठे सवाल, क्या थाना के सीसीटीवी खोलेंगे राज!

-

देश वाणी। दिलीप दुबे

मोतिहारी। बिहार में उत्पाद विभाग की कार्यशैली एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला इसी मोतिहारी जिले का है, जहाँ एक माह पहले विभाग ने उत्पाद पुलिस के 14 पदाधिकारियों को एक साथ निलंबित किया था। अब एक बार फिर मोतिहारी में शराब तस्करी के दौरान पकड़े गए करीब 200 मुर्गों के निपटारे में नियमों को पूरी तरह ताक पर रखने का संगीन आरोप विभाग पर लग रहा है। स्थानीय स्तर पर चर्चाएं गर्म हैं कि जब्त किए गए मुर्गों का एक बड़ा हिस्सा कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बजाय खास ठिकाने पर पहुंचा दिया गया। अब इस पूरे खेल का पर्दाफाश करने के लिए उत्पाद थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग जोर पकड़ रही है।

बताते चले कि कोटवा थाना क्षेत्र के बेलवा एनएच-27 पर गुप्त सूचना के आधार पर सदर और मधुबन उत्पाद थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर 18 जून की रात मुर्गा लदी एक पिकअप बोलेरो से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की थी। मौके से दो तस्करों को भी दबोचा गया, जिनमें से एक पीपराकोठी और दूसरा कोटवा इलाके का रहने वाला है।

अब शराब की बरामदगी से ज्यादा गाड़ी पर लदे मुर्गों को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है। उत्पाद पुलिस की प्राथमिकी में मुर्गों की सटीक संख्या को लेकर असमंजस है, लेकिन जब्ती सूची के अनुसार कुल 200 मुर्गे दिखाए गए हैं, जिनमें 148 मृत और 52 जिंदा दर्ज हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वास्तविक संख्या कागजी आंकड़ों से कहीं अधिक थी। चर्चा मुर्गा की संख्या को लेकर नही बल्कि मुर्गो के गायब होने को लेकर हो रही है।

कानून के जानकार लोगों के अनुसार, यदि किसी वाहन के साथ कोई पशु या जीवित माल जब्त होता है, तो उसके राजसात की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाती है। इसके बाद उसकी बकायदा नीलामी कर राशि सरकारी खजाने में जमा करानी होती है। यदि पशु मर जाते हैं, तो मजिस्ट्रेट और पशु चिकित्सक की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कराते हुए उन्हें दफनाने का नियम है।

आरोप है कि इस पूरे मामले में न तो राजसात की प्रक्रिया अपनाई गई और न ही कोई पारदर्शी नीलामी हुई। इस संबंध में जब प्रभारी सदर उत्पाद थानाध्यक्ष शिवेन्द्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मामले का अनुसंधान जारी है। इससे सम्बंधित सभी जानकारी न्यायालय को दी जाएगी। हालांकि, जिंदा बचे मुर्गों के भविष्य को लेकर उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया। लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है। सूत्रों का कहना कि यदि उत्पाद थाने के सीसीटीवी कैमरों की निष्पक्षता से जांच कराई जाए, तो इस पूरे मामले की हकीकत सामने आ जाएगी।

Related articles

Bihar

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
spot_img

Latest posts