Homeबिहारमोतिहारीआश्वासन के भंवर में फंसा पीसीसी सड़क और नाला निर्माण का मामला

आश्वासन के भंवर में फंसा पीसीसी सड़क और नाला निर्माण का मामला

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-नारकीय जीवन जीने को विवश है वार्ड 28 के हजारों लोग

देश वाणी। दिलीप दुबे

मोतिहारी। नगर निगम के वार्ड संख्या-28 स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक (पीपल चौक) से हनुमान मंदिर जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। उपेक्षा का आलम यह है कि नगर निगम द्वारा अब तक इस पथ के जीर्णोद्धार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। क्षेत्र में न तो पक्की सड़क का वजूद है और न ही जल निकासी के लिए नाले की कोई व्यवस्था।

नतीजतन, बारिश तो दूर, आम दिनों में भी यहाँ पूरे साल जल-जमाव की गंभीर स्थिति बनी रहती है। लगभग 1500 मकानों वाली इस आबादी में हजारों लोग रोज़ाना नारकीय परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर हैं। इस जल-जमाव से सबसे अधिक फजीहत स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटकर थक चुके हैं मोहल्लेवासी

मोहल्ले के ध्रुव मिश्र, प्रमोद पांडेय, रघुवंश सिंह, प्रमोद सिंह और अधिवक्ता आलोक रंजन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पीसीसी सड़क व नाला निर्माण के लिए स्थानीय पार्षद से कई बार गुहार लगाई गई। पार्षद ने भी समस्या की गंभीरता को देखते हुए महापौर प्रीति कुमारी, नगर आयुक्त आशीष कुमार तथा तत्कालीन नगर आयुक्त (वर्तमान में जिलाधिकारी) सौरभ सुमन यादव को लिखित आवेदन सौंपे। इसके बावजूद धरातल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बोर्ड की बैठकों से लेकर स्थलीय निरीक्षण तक सिर्फ मिले खोखले आश्वासन

मामले पर स्थानीय वार्ड पार्षद मनीष भारती उर्फ मुकुल वर्मा ने निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया, जब हमारा वार्ड पंचायत से उत्क्रमित होकर नगर निगम के अधीन आया, तो लोगों में विकास की उम्मीद जगी थी। वर्ष 2023 से ही मैं सड़क और नाले के निर्माण के लिए निगम बोर्ड की हर बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा हूँ।

पार्षद ने आगे कहा कि तत्कालीन नगर आयुक्त सौरभ सुमन यादव ने खुद क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था और समाधान का भरोसा भी दिया था। हालांकि, समय बीतने के साथ सारे आश्वासन हवा-हवाई साबित हुए।

निगम प्रशासन की इस उदासीनता से आक्रोशित वार्ड वासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द जल-जमाव से मुक्ति और सड़क-नाला निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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