देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी किए गए नए आदेशों के अनुसार, रेल यात्रा और रेल परिसरों से जुड़े नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 और कलकत्ता मेट्रो रेलवे अधिनियम, 1985 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है।
इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य आम जनता के लिए सुगम जीवन और भरोसेमंद शासन को बढ़ावा देना है। इसके तहत रेलवे में होने वाले कई छोटे-मोटे अपराधों को गैर-अपराधिक घोषित कर दिया गया है। यानी अब यात्रियों को सीधे अदालती मुकदमों या जेल की सजा का सामना करने के बजाय केवल प्रशासनिक जुर्माना देना होगा। हालांकि, जुर्माना न भरने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान पहले की तरह ही लागू रहेगा।
रेलवे में होने वाले प्रमुख बदलाव में अगर कोई यात्री रेलवे को धोखा देने के इरादे से बिना टिकट यात्रा करता है या किसी पुरानी टिकट का दोबारा इस्तेमाल करता है, तो उसे तय दूरी के किराए के साथ-साथ 500 रुपये का न्यूनतम अतिरिक्त प्रशासनिक जुर्माना या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित शुल्क देना होगा। जुर्माना न चुकाने पर सक्षम न्यायालय द्वारा 6 महीने तक की जेल या 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बुक की गई टिकट पर यात्रा करने पर टिकट तो जब्त होगी ही, साथ ही किराए के बराबर या न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। भुगतान न करने पर 6 महीने की जेल या 2000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। रेलवे परिसर या ट्रेनों में बिना लाइसेंस के सामान बेचने पर अब 2000 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, ट्रेनों या स्टेशनों पर भीख मांगने की पूरी तरह से मनाही रहेगी और ऐसे व्यक्तियों को रेलवे कर्मचारियों की मदद से हटाया जा सकेगा। ट्रेन या रेलवे परिसर में नशा करके उपद्रव करने या किसी भी प्रकार की अश्लीलता व गंदगी फैलाने पर यात्रियों को सीधे ट्रेन से उतारा जा सकता है। इसके लिए 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, और उपद्रव जारी रखने पर 6 महीने तक की जेल या 5000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यात्री क्षेत्र में बिना उचित प्राधिकार के प्रवेश करने और मना करने पर भी वहां से न हटने पर अब 500 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना देय होगा। यदि कोई पुरुष यात्री जानबूझकर महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे, सीट या बर्थ पर बैठता है, तो उसकी टिकट तो जब्त होगी ही, साथ ही उसे 2500 रुपये का प्रशासनिक जुर्माना देना होगा और बोगी से बाहर कर दिया जाएगा। इस नियम के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी। इसी तरह ट्रेन, प्लेटफार्म एवं स्टेशन परिसर में धूम्रपान करने पर 2000 रुपये का जुर्माना और टिकट की जब्त होगी। स्टेशन एवं पटरियों पर प्रदर्शनों, रैलियों या जुलूसों को प्रतिबंधित किया गया है और इसके उल्लंघन पर 10,000 रुपये तक के प्रशासनिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
रेलवे बोर्ड के डीआईजी एस. सुधाकर ने देश के सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्तों को निर्देश जारी किया है कि वे आरपीएफ के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इन नए संशोधनों के बारे में विस्तार से ब्रीफ करें। इसके लिए विशेष जमीनी स्तर पर ब्रीफिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह संशोधन सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में प्रवर्तन अधिसूचना जारी होते ही पूरी तरह लागू हो जाएंगे।












