साठी : थाना क्षेत्र के खजुरिया नंद टोला गांव में विगत दिनों हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। साठी थाना कांड संख्या 186/26 में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चुन्नू कुमार पांडेय, उसके बहनोई रिकू तिवारी उर्फ उपेंद्र तिवारी और निपू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति ने अपने घर पर फायरिंग होने की शिकायत दर्ज कराई थी, वही इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के अनुसार दहेज उत्पीड़न मामले से बचने और पत्नी के परिजनों को फंसाने के लिए अपने ही घर पर फायरिंग करवाई गई थी।
जानकारी के अनुसार 6-7 जून की रात करीब 2:30 बजे खजुरिया गांव के नंद टोला निवासी चुन्नू कुमार पांडेय ने पुलिस को सूचना दी थी कि कुछ बदमाशों ने उसके घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने पांच खाली खोखे बरामद किए थे। चुन्नू के आवेदन पर चार नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
चुन्नू ने आरोप लगाया था कि पत्नी के परिजनों ने कोर्ट में धमकी दी थी और उसी के बाद उसके घर पर फायरिंग कराई गई।
पुलिस की गहन जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान मामला पूरी तरह उलट गया। जांच में पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि फायरिंग की घटना वास्तविक हमला नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी।
पुलिस के अनुसार दहेज कांड में खुद को पीड़ित साबित करने और विरोधी पक्ष को कानूनी रूप से फंसाने के उद्देश्य से चुन्नू कुमार पांडेय ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अपने ही घर पर गोली चलवाई थी।
मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार घटना में प्रयुक्त हथियार अभी बरामद नहीं किया जा सका है। मामले के सभी पहलुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई है।












