देशवाणी। आशा कुमारी
मोतिहारी।
मोतिहारी में ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाला “पंचायत विकास शिविर” इस बार कई विभागों के पदाधिकारी व कर्मचारी के अनुपस्थिति के कारण प्रभावित रहा। निर्धारित समय सुबह 10 बजे से 12 बजे तक ग्राम सभाओं के माध्यम से पंचायतों में जनसंवाद का कार्यक्रम रखा गया था, लेकिन कई अहम विभागों के कर्मियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को समस्याएं रखने और समाधान पाने का अवसर नहीं मिल सका।
इस बार शिविर की थीम “महिला हितैषी जनसंवाद” थी, जिसके तहत महिलाओं, युवाओं और अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का उद्देश्य था। हालांकि, राजस्व, आपूर्ति, शिक्षा, श्रम संसाधन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, स्वास्थ्य, मत्स्य, ग्रामीण कार्य विभाग, पशुपालन और सहकारिता विभाग के कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण इनसे जुड़े मुद्दों पर कोई सार्थक संवाद नहीं हो सका। मोतिहारी प्रखंड के गोढवा पंचायत के मुखिया सह प्रदेश सचिव, मुखिया महासंघ बिहार, राजू बैठा ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने उप विकास आयुक्त, पूर्वी चंपारण और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, मोतिहारी को आवेदन देकर अनुपस्थित कर्मियों से कारण पृच्छा करने की मांग की है। मुखिया राजू बैठा का कहना है कि इस तरह की गैरहाजिरी न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालती है, बल्कि ग्राम स्वराज के लक्ष्य को भी कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विभागों के कर्मी समय पर उपस्थित नहीं होंगे, तो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे संभव होगा। स्थानीय लोगों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में पंचायत विकास शिविर का उद्देश्य पूरी तरह से सफल हो सके।












