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रेलवे का निजीकरण और एनपीएस मंजूर नहीं, ओपीएस के लिए दिल्ली में होगी विशाल रैली : ईसीआरईयू

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देश वाणी। दिलीप दुबे

मोतिहारी। ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन बापूधाम मोतिहारी शाखा समिति के तत्वावधान में शनिवार को मोतिहारी स्टेशन के संघ भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक सह आम-सभा का आयोजन किया गया। मंडल कार्यवाहक अध्यक्ष कैलाश पासवान के नेतृत्व और अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में रेलकर्मियों की ज्वलंत समस्याओं, निजीकरण के विरोध और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को लेकर हुंकार भरी गई।

सभा को संबोधित करते हुए जोनल जॉइंट सेक्रेटरी रत्नेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रेल कर्मचारियों पर निजीकरण, निगमीकरण, और एनपीएस के बाद अब यूपीएस थोपा जा रहा है। उन्होंने मजदूरों के हितों पर कुठाराघात करने वाली नई श्रम नीति को वापस लेने की मांग की। श्री वर्मा ने अगस्त 2026 में दिल्ली में आयोजित होने वाली विशाल रैली में सभी रेलकर्मियों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

मंडल कार्यवाहक अध्यक्ष कैलाश पासवान ने सेना की तर्ज पर रेलवे में भी रैंक के आधार पर पेंशन लागू करने की मांग की। मंडल सचिव संजीव मिश्रा ने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए देश की 29 श्रम संहिताओं को बदलकर चार नए विवादित कानून बना दिए गए हैं। वहीं, जोनल संगठन मंत्री चंदन यादव ने स्पष्ट किया कि देश और कर्मचारी हित में ओपीएस से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। उन्होंने सिग्नल विभाग में आउटसोर्सिंग के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर भी कड़ा प्रहार किया। जबकि मंडल उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने पूरे देश मे एक ही पेंशन प्रणाली ओपीएस लागू करने का मुद्दा उठाया।

बैठक में मोतिहारी शाखा के मनीष कुमार और जोनल संयुक्त सचिव रत्नेश कुमार वर्मा ने रेलकर्मियों की भारी कमी और अत्यधिक कार्य बोझ का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि मैनपावर की कमी के कारण ट्रैक पर काम करने वाले सिग्नल मेंटेनर और ट्रैक-मैन लगातार रन-ओवर (हादसे) का शिकार हो रहे हैं। कहा कि यूनियन के सरकार से मांग की है कि रेल लाइन पर काम करने वाले सभी कर्मियों को जीवन रक्षक यंत्र दिए जाएं। ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले रेलकर्मियों के लिए 1 करोड़ रुपये के जीवन बीमा का प्रावधान हो। पॉइंट्समैन, गेटमैन से ली जा रही 12 घंटे और सिग्नल स्टाफ से 24 घंटे की अनियंत्रित ड्यूटी बंद कर बीओएस के अनुसार नई भर्तियां की जाएं। कर्मचारियों को मूलभूत सुरक्षा सामग्री जैसे सेफ्टी शूज़, विंटर जैकेट आदि तुरंत मुहैया कराई जाए।

सभा में शाखा अध्यक्ष बृजमोहन ठाकुर ने रनिंग कर्मचारियों के किलोमीटर भत्ते में टीए के अनुपात में पूरे 25 प्रतिशत की वृद्धि करने की मांग की। मंडल कोषाध्यक्ष अविनाश कुमार ने यूनियन के कोष के पारदर्शी उपयोग की जानकारी दी, जबकि संस्थापक सदस्य एएन पटेल ने वर्ष 2008 से संगठन के संघर्ष और एकजुटता की विरासत को याद दिलाया। कार्यक्रम में सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए वार्ता एवं आंदोलन का रास्ता अपनाने का संकल्प लिया गया।

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