HomeBIHARउफान पर नदियां,गंडक बराज से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी

उफान पर नदियां,गंडक बराज से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी

मोतिहारीः पश्चिम बंगाल में उठे चक्रवात के कारण नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र के अलावा पूरे राज्य में लगातार चार दिनों से बारिश हो रही है।बारिश के कारण चंपारण रेंज के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण से होकर बहने वाली नदियां उफना गई है।गंडक और सिकरहना ने अपना रौद्र रुप दिखाना शुरु कर दिया है।वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं और लगातार बड़ी मात्रा में पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।गंडक बराज से अपराह्न दो बजे तक लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।जिसकारण निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।कई घरों में पानी भरा हुआ है।सड़के पानी में डूबी हुई है।सबसे खराब स्थिति पश्चिमी चंपारण जिला के बगहा अनुमंडलीय क्षेत्र की बनी हुई है।अनुमंडल क्षेत्र के लक्ष्मीपुर-रामपुरवा पंचायत के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति देखने को मिल रही है। बीन टोली, कान्हा टोला औऱ रोंहुआ टोला,संतपुर सोहरिया, भेड़ियारी बंगाली टोला और चकदहवा समेत आसपास के इलाकों में गंडक नदी का पानी प्रवेश कर गया है।गंडक के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।इधर जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।

इधर गंडक और सिकरहना नदी के बढ़ रहे जलस्तर का प्रभाव पूर्वी चंपारण जिला में भी दिखने लगा है।सिकरहना नदी का पानी सुगौली प्रखंड के कई क्षेत्रों में फैलने लगा है।वहीं गंडक नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण तटबंधों पर दबाब बढ़ने लगा है।गंडक के किनारे बसे अरेराज,संग्रामपुर और पहाड़पुर प्रखंड के कुछ गांवों के लोगों को सतर्क रहने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कहा गया है।

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