-किसानों को प्राकृतिक खेती की दी गई जानकारी
-प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती को अपनाने का संकल्प लिया.
फोटो : कार्यक्रम में वैज्ञानिक व किसान
माला सिन्हा
पीपराकोठी: प्रखंड क्षेत्र के ढेकाहा पंचायत अंतर्गत विशुनपुर गांव से सोमवार को एक माह तक चलने वाले “खेत बचाओ अभियान” की शुरुआत की गई. अभियान का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण तथा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों से खेती की नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की. अभियान के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र, पीपराकोठी के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अरविन्द कुमार सिंह ने किसानों को हरी खाद के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ढैंचा एवं मूंग जैसी फसलों की खेती से मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है. उन्होंने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए किसानों से स्थानीय संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की. डॉ. सिंह ने किसानों को घरेलू स्तर पर प्राकृतिक कीटनाशक एवं फफूंदनाशक तैयार करने की विधि भी बताई. उन्होंने कहा कि गोबर, गोमूत्र, नीम एवं अन्य जैविक पदार्थों से तैयार घोल फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने में प्रभावी साबित होते हैं. इसके उपयोग से खेती की लागत कम होने के साथ-साथ पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. अर्पिता नाल्या ने फसलों के समुचित प्रबंधन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर प्रकाश डाला. वहीं आत्मा की बीटीएम पूनम कुमारी, एटीएम राजेश्वर सिंह तथा किसान सलाहकार अशोक कुमार ने अभियान के उद्देश्यों एवं आगामी गतिविधियों की जानकारी दी. इस अवसर पर किसान कामेश्वर चौरसिया, नंदकिशोर चौरसिया, सुबोध कुमार सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे. किसानों ने अभियान को लाभकारी बताते हुए प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती को अपनाने का संकल्प लिया. अगले एक माह तक विभिन्न गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.












