देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। स्थानीय महात्मा ज्योतिबा फूले शिक्षण संस्थान में मंगलवार को राष्ट्र नायक और भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया और देश के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।
सभा की अध्यक्षता डॉ. अंबेडकर कल्याण संघ के प्रांतीय अध्यक्ष जगराम शास्त्री ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबू जगजीवन राम ने देश के उप प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, कृषि मंत्री, श्रम मंत्री और संचार मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए बेहद सराहनीय और सफल कार्य किए। उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णय आज भी देश के विकास की नींव हैं।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रदेश महासचिव मनोज कुमार अकेला ने बाबू जगजीवन राम को एक कुशल प्रशासक और वीर योद्धा बताया। उन्होंने कहा कि बाबू जगजीवन राम एक महान स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के प्रथम दलित उप प्रधानमंत्री भी थे, जिन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज बुलंद की।
महिला सेल की उपाध्यक्ष अलीशा सिंह ने कहा कि
बाबू जगजीवन राम भारत में हरित क्रांति के असली जनक थे। इसके साथ ही, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय रक्षा मंत्री के रूप में उनके नेतृत्व में भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा था।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मोहम्मद सरफुद्दीन साहब ने बाबू जगजीवन राम को दलितों और शोषितों का सच्चा मसीहा बताया। उन्होंने उनके राजनीतिक सफर की विशालता का जिक्र करते हुए कहा कि 1952 से लेकर 1984 तक लगातार सांसद रहने का एक अटूट और ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बाबू जगजीवन राम के नाम दर्ज है।
इस श्रद्धांजलि सभा में समाज के विभिन्न प्रबुद्ध लोगों ने हिस्सा लिया और बाबू जी के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रिटायर्ड बैंक मैनेजर शंभू राम, संजीत कुमार, आशीष रंजन, सृष्टि सिन्हा, रितिका सिन्हा आदि लोग उपस्थित थे।












