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नगर आयुक्त ने की समीक्षा बैठक, सफाई एजेंसी पर 14.50 लाख का जुर्माना, दो ठेकेदारों को शो-कॉज

– विकास कार्यों में ढिलाई और गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं: नगर आयुक्त

  • टेंडर प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता बरतने और मनमाने ढंग से अयोग्य न करने के सख्त निर्देश
  • अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट और समय पर काम पूरा करने की चेतावनी

देश वाणी। दिलीप दुबे

मोतिहारी। नगर निगम में विकास कार्यों की कछुआ चाल और स्वच्छता में लापरवाही बरतने वालों पर नगर आयुक्त आशीष कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम के सभी अभियंताओं और विभागीय अधिकारियों के साथ शुक्रवार को आयोजित एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता, अनावश्यक देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान विभागवार चल रही विभिन्न विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और टेंडर प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की गई। जिन परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पाई गई, उनके जिम्मेदार अधिकारियों से तुरंत स्पष्टीकरण मांगा गया है।

काम में अत्यधिक ढिलाई और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने वाले दो ठेकेदारों के खिलाफ नगर आयुक्त ने तत्काल शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि अगर तय समय के भीतर इन एजेंसियों ने अपने काम में सुधार नहीं किया, तो एग्रीमेंट की शर्तों के तहत इनके खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर आयुक्त बेहद सख्त नजर आए। निर्धारित मानकों के अनुरूप काम न करने और लगातार लापरवाही बरतने पर संबंधित सफाई एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 14.50 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर की स्वच्छता और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

नगर आयुक्त ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि नगर निगम की सभी निविदा प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमसंगत होनी चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी योग्य एजेंसी को मामूली, मनमाने या बेबुनियाद कारणों से टेंडर प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। हर फैसला केवल नियमों और तकनीकी मानकों के आधार पर ही होना चाहिए ताकि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

बैठक के अंत में नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों और अभियंताओं को एयरकंडीशंड कमरों से निकलकर नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी अपने क्षेत्र के काम के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा। नगर निगम का उद्देश्य एक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम देने वाला प्रशासन स्थापित करना है, जहां जनहित सर्वोपरि हो।

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