देशवाणी। आशा कुमारी
मोतिहारी।
तुरकौलिया चौक के समीप बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहा। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। इस दौरान कथित ग्रामीण चिकित्सक डी. आलम का भवन पूरी तरह तोड़ दिया गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जब जेसीबी से डी. आलम के मकान को गिराया जा रहा था, तभी अचानक पूरा ढांचा भरभराकर मशीन पर ही गिर पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जेसीबी चालक समय रहते सतर्क हो गया और वह बाल-बाल बच गया। मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने डी. आलम समेत अन्य लोगों के भी मकान तोड़े, लेकिन करीब छह लोगों के घरों को नहीं तोड़े जाने से स्थानीय लोगों में असंतोष देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर डी. आलम ने मंगलवार को विरोध जताते हुए अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की धमकी भी दी थी। बताया जाता है कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान हाई कोर्ट के आदेश पर चलाया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अनीश आलम ने जनहित में याचिका दायर कर पीडब्ल्यूडी की जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इस संबंध में सीओ संतोष कुमार ने बताया कि जिन पांच लोगों के मकान नहीं तोड़े गए हैं, वे भूमिहीन हैं। उनके लिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। प्रशासन ने अभियान को निष्पक्ष बताते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।












