देशवाणी
बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित ऐतिहासिक राजड्योढ़ी के लाल बाजार जाने वाले मार्ग में जोड़ा शिवालय के प्राचीन हनुमान मंदिर जिसमें मूंगा की बजरंगबली की प्रतिमा है, भक्तों के श्रद्धा व आस्था का प्रतीक है। उपर्युक्त हनुमान मन्दिर में प्रत्येक मंगलवार को प्रातः काल से भक्त व श्रद्धालु पंक्तिबद्ध परिलक्षित होते हैं, वहाँ प्रातः काल से पूजा अर्चना करने व हनुमान चालीसा पाठ करने वाले पहुँच जाते हैं। पश्चिम चम्पारण जिला के अतिरिक्त आसपास के क्षेत्र के अधिसंख्य श्रद्धालु लाल मूंगा निर्मित महावीर प्रतिमा का पूजन व दर्शन को पहुँचते हैं। बेतियावासी, क्षेत्र के लोगों की जनश्रुति व मान्यता के अनुसार उपर्युक्त मन्दिर का निर्माण बेतिया राजघराना के महाराज राजेद्र किशोर सिंह ने 1856 में कराया। उपर्युक्त मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था बल्कि चम्पारण का महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है।
हनुमान मंदिर में स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा प्रसिद्ध शुद्ध मूंगा की चट्टान से कर बनाई गई है, जिसकी विशेषता यह है कि प्रतिमा मौसम व समयानुसार रंग बदलता है। वह मन्दिर बेतिया राजड्योढ़ी प्रवेश द्वार के पास जोड़ा शिवालय के सामने स्थित है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता वहां स्थापित हनुमान की दुर्लभ प्रतिमा ही है। बताया जाता है कि उपर्युक्त प्रतिमा शुद्ध मूंगा (कोरल रॉक) की चट्टान से बनाई गई है।
बेतियावासी श्रद्धालु बताते हैं कि के अनुसार दिन में समय और मौसम के अनुसार प्रतिमा का रंग परिवर्तित होता है। मूंगा का रंग भूरा, मटमैला, लाल और सफ़ेद दृष्टिगोचर होता है। उपर्युक्त तथ्य की वैज्ञानिक प्रमाणिकता नहीं है किन्तु धार्मिक मान्यता है। इसी मान्यता के कारण दूर-दूर से लोग इस अनोखी प्रतिमा के पूजन, अर्चन व दर्शन करने को आते हैं।












