-कार्यशाला में पहुंचे अनुसूचित जाति के महिला पुरुष किसान
माला सिन्हा
पीपराकोठी : मिट्टी हमारी माता है और अपने माता का ख्याल रखना हम सभी का कर्तब्य है. पिछले कुछ दशक से रसायनिक खाद से उत्पादन वृद्धि के लालच में हम सभी ने भूमि को खराब कर लिया है जो अब जहर उगल रही है. हम सभी को समय समय पर मृदा जांच के साथ जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा. फिलहाल अभी खेत बचाओ अभियान चल रहा है. जैविक खेती को अपनाना होगा ताकि जहर युक्त अनाज खाना नहीं पड़े. उक्त बाते गुरुवार को महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान के सभागार में अनुसूचित जाति उप योजना अंतर्गत खेत बचाओ अभियान के एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने संबोधित करते हुए कही. इसके पूर्व पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री श्री सिंह के साथ बिहार सरकार के पशु एवं मतस्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम, विधायक कृष्णनंदन पासवान, किसान नेता मनोज पासवान, निदेशक डा राघवेंद्र सिंह, डीएओ मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर सभी अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ व अंगवस्त्र भेंट कर किया गया. आगे पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री श्री सिंह ने कहा कि खेती बाड़ी हमारे आर्थिक समृद्धि का आधार है. पीएम मोदी आज जवाहर लाल नेहरू से भी ज्यादा अवधि तक अपना कार्यकाल पुरा करने वाले प्रधानमंत्री बन चुके है. पिछले 12 वर्षों में बहुत बदलाव हुआ है. उन्होंने लोगों से विदेशो से आयात होने वाले सामग्री के उपयोग को कम करने की बात कही. कहा कि कई देश युद्ध में चल रहा है. जिसके वजह से अमेरिका, चीन, युक्रेन आदि देशों में बहुत पहले महंगाई बढ़ गई लेकिन भारत में बाद में महंगाई बढ़ी है और वही भी आंशिक बढ़ी है. मौके पर मुख्य रूप से केविके प्रमुख डा अरविन्द कुमार सिंह, डा पीके भारती, डा रवि कुमार, डा कौशिक बनर्जी, राजकिशोर सिंह, योगेंद्र बैठा, डा अभय प्रताप सिंह, डा आरपी सिंह, डा अभिषेक प्रताप सिंह, डा सतीश नायक, डा तमोघणा सहा, डा पीआर कुमार सहित अन्य मौजूद थे.












