विश्व पर्यावरण दिवस पर बेतिया पर्यवेक्षण गृह में वृक्षारोपण, बच्चों को दिया गया प्रकृति संरक्षण का संदेश
देशवाणी
बेतिया : विश्व पर्यावरण दिवस पर पश्चिम चम्पारण (बेतिया) स्थित बाल देखरेख संस्थान (पर्यवेक्षण गृह) में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान के परिसर को हरा-भरा बनाना और यहाँ रह रहे किशोरों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रधान दंडाधिकारी /सदस्यगण किशोर न्याय परिषद (जेजेबी), पश्चिम चम्पारण के द्वारा सामूहिक रूप से पौधा लगाकर की गई। इसके बाद परिसर के विभिन्न हिस्सों में फलदार, छायादार और औषधीय पौधे रोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित प्रधान दंडाधिकारी (किशोर न्याय परिषद, पश्चिम चम्पारण) ने पर्यावरण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “प्रकृति और मनुष्य का रिश्ता बेहद गहरा है। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटने का एकमात्र विधि बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना है। बाल देखरेख संस्थान में इस कार्यक्रम को आयोजित करने का उद्देश्य है कि यहाँ रह रहे बच्चे पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी लें। जब ये बच्चे एक पौधे को बढ़ते हुए देखेंगे, तो उनके भीतर संवेदनशीलता, धैर्य और समाज के प्रति सकारात्मक सोच का विकास होगा। वृक्ष लगाना सिर्फ आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव है।” कार्यक्रम की देखरेख कर रहे पर्यवेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक प्रमोद सिंह लोधी ने संस्थान की इस पहल की सराहना की और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा ”हमारे संस्थान का हमेशा यह प्रयास रहता है कि यहाँ बच्चों को एक सकारात्मक और सुधारात्मक वातावण मिले। विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाये गए पौधे न केवल परिसर को सुंदर बनाएंगे, बल्कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ेंगे। संस्थान का स्टाफ और बच्चे मिलकर इन पौधों की नियमित देखभाल करेंगे ताकि ये सुरक्षित रह सकें। हम प्रधान दंडाधिकारी और परिषद के सदस्यों के आभारी हैं, जिन्होंने यहाँ आकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।”इस गरिमामयी अवसर पर संस्थान के समर्पित शिक्षक गण अंबुज, अनुपम, शुभम सर्राफ और प्रभात कुमार झा भी मुख्य रुप से उपस्थित रहे। शिक्षकों ने बच्चों को पर्यावरण दिवस के इतिहास और वर्तमान में इसकी प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के कर्मियों और उपस्थित बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रोपे गए पौधों को जीवित रखने तथा उनकी सुरक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया












