मोतिहारी। आशा कुमारी
हरसिद्धि प्रखंड में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस मामले में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और एक साइबर कैफे संचालक की मिलीभगत उजागर हुई है। दोनों पर प्रति व्यक्ति 200 रुपये लेकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आरोप है। प्रशासनिक जांच में मामला सही पाए जाने के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, इस गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर अरेराज के डीसीएलआर इति चतुर्वेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हरसिद्धि के बीडीओ गुलशन कुमार को जांच का निर्देश दिया। बीडीओ द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद बीडीओ गुलशन कुमार ने बूथ संख्या 96 के बीएलओ मजीद बैंठा और साइबर कैफे संचालक उपेंद्र कुमार के खिलाफ हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया जाता है कि बीएलओ मजीद बैंठा गोईठहा गांव का निवासी है और पेशे से एक सरकारी शिक्षक है। वहीं, साइबर कैफे संचालक उपेंद्र कुमार माधोपुर का रहने वाला है, जिसका सेवराहा बाजार में साइबर कैफे संचालित होता है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने साइबर कैफे से निर्वाचन विभाग के नियमों के उल्लंघन से जुड़े कई अहम साक्ष्य भी बरामद किए हैं। पूछताछ में साइबर संचालक उपेंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि वे बीएलओ के आईडी का उपयोग कर मतदाता सूची में नाम जोड़ते थे और इसके बदले प्रति व्यक्ति 200 रुपये वसूला जाता था। वसूली गई राशि को दोनों आपस में बांट लेते थे। इस मामले में हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार दोनों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। घटना के उजागर होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। साथ ही यह मामला चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।












