पटना साहिब की निभा कुमारी बीपीएससी परीक्षा में 336वीं रैंक के साथ एसडीएम पद पर चयनित हुईं। सम्मान समारोह में विधायक रत्नेश कुशवाहा ने उन्हें सम्मानित कर उपलब्धि को प्रेरणादायी बताया।
06 जुलाई , पटना सिटी (पटना , बिहार) :
पटना साहिब क्षेत्र के वार्ड संख्या-57 निवासी निभा कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में 336वीं रैंक प्राप्त कर उप समाहर्ता (एसडीएम) पद के लिए चयनित होकर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल है। सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया।
इस अवसर पर पटना साहिब परिवार की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में विधायक रत्नेश कुशवाहा ने निभा कुमारी को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपने संबोधन में विधायक श्री कुशवाहा ने कहा कि निभा कुमारी ने कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के बल पर यह सफलता अर्जित की है। उनकी उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे पटना साहिब और समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि निभा कुमारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि अवसर और प्रोत्साहन मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। उनकी सफलता अन्य युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
सम्मान समारोह में अपने अनुभव साझा करते हुए निभा कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई तथा पति को दिया। उन्होंने कहा कि विवाह और मातृत्व के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन परिवार के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास के कारण ही वह अपने लक्ष्य तक पहुंच सकीं।
उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग किसी भी अभ्यर्थी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि परिवार सकारात्मक वातावरण प्रदान करे और निरंतर प्रेरित करे, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है।
निभा कुमारी ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों, की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि बेटियों को कभी बोझ नहीं समझना चाहिए, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि परिवार का सहयोग और उचित मार्गदर्शन मिले तो बेटियां भी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
समारोह में उपस्थित लोगों ने निभा कुमारी की उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे समाज में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बताया। उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दी गईं।












