देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों को आधुनिक अपराध अनुसंधान तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को आरपीएफ पोस्ट बापूधाम मोतिहारी में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में फॉरेसिक साइंस लेबोरेटरी मोतिहारी के विशेषज्ञ अधिकारी शशांक तिवारी और उनकी टीम द्वारा बल सदस्यों को फिंगरप्रिंट के संग्रहण और उसके वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान एफएसएल के विशेषज्ञों ने अपराध की गुत्थी सुलझाने में फिंगरप्रिंट साक्ष्य की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बल सदस्यों को फिंगरप्रिंट के विभिन्न प्रकारों और उनके वर्गीकरण, अपराध स्थल से फिंगरप्रिंट को सुरक्षित रखने तथा उनका संग्रहण करने के सही तरीकों, अलग-अलग सतहों से फिंगरप्रिंट विकसित करने की वैज्ञानिक विधियों तथा फिंगरप्रिंट पाउडर एवं अन्य आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों के सटीक उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया।
सिद्धांतों को समझाने के साथ-साथ एफएसएल टीम द्वारा एक व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। इसमें उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने स्वयं फिंगरप्रिंट विकसित करने और उन्हें सुरक्षित लिफ्ट करने की तकनीकों का लाइव अभ्यास किया। अपराध स्थल पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अगर फिंगरप्रिंट जैसे सूक्ष्म साक्ष्यों को सही तरीके से सुरक्षित न किया जाए, तो अपराधी कानून की गिरफ्त से बच सकता है। यह प्रशिक्षण आरपीएफ को रेल अपराधों के वैज्ञानिक अन्वेषण में आत्मनिर्भर और अधिक सटीक बनाएगा।
इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से बापूधाम मोतिहारी के पोस्ट कमांडर भरत प्रसाद, सब इंस्पेक्टर गोकलेश पाठक, एएसआई राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र यादव, विजय सिंह, चंदन कुमार, संतोष कुमार, रामायण महतो, बलराम कुमार, सुनील कुमार, वीरेंद्र कुमार और अनिल द्विवेदी सहित आरपीएफ के कई अन्य जवान सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।












