Bettiah| हृदयानंद |
Photo by PRD, West Champaran District Administration
जिले की अन्य प्राचीन और दुर्लभ सामग्रियों के दस्तावेजीकरण के लिए प्रशासन हुआ सक्रिय।
विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन ने कहा- यह पांडुलिपि हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा की अमूल्य थाती है।
बेतिया। पश्चिम चम्पारण की गौरवशाली सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत में एक नया अध्याय जुड़ गया है। शहर के निवासी श्री कृष्णमोहन प्रसाद के निजी संग्रह से हस्तलिखित ‘भागवत पुराण’ का एक अत्यंत दुर्लभ अंश प्राप्त हुआ है। इस महत्वपूर्ण खोज की जानकारी मिलने पर उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन स्वयं उनके आवास पर पहुंचे और पांडुलिपि का सूक्ष्म अवलोकन किया। इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार भी उपस्थित रहे।

इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित करने और इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘ज्ञान भारतम एप’ पर सफलतापूर्वक अपलोड कर दिया गया है। उप विकास आयुक्त ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पांडुलिपि हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा की अमूल्य थाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के डिजिटल संग्रहण से न केवल हमारी धरोहरों का संरक्षण होता है, बल्कि शोधकर्ताओं के लिए भी यह सुलभ हो जाती है। प्रशासन जिले की अन्य छिपी हुई ऐतिहासिक कड़ियों और पांडुलिपियों के दस्तावेजीकरण की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है, ताकि चंपारण के समृद्ध इतिहास को आने वाली पीढ़ियों के लिए पूरी प्रामाणिकता के साथ सहेजा जा सके।
Bettiah | A rare handwritten fragment of the Bhagavata Purana is found in Bettiah and has been digitized by uploading it on the Gyan Bharatam app.
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