फोटो : केविके परिसर में हरियाणा सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ तथा बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र व अन्य
माला सिन्हा
पीपराकोठी : स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में शनिवार को हरियाणा सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश धनखड़ तथा बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचकर केंद्र की गतिविधियों का अवलोकन किया. कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद दोनों नेताओं ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर का विस्तृत भ्रमण किया. भ्रमण के दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की. वैज्ञानिकों ने उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, फसल प्रबंधन, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया. अतिथियों ने वैज्ञानिकों के साथ बैठक कर इस बात पर चर्चा की कि बदलते समय में किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी आय कैसे बढ़ाई जा सकती है. साथ ही सरकार की विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वैज्ञानिकों, किसानों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है. इस दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई. अतिथियों ने किसानों के उत्थान के लिए कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केविके किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने केंद्र की गतिविधियों को कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में अत्यंत उपयोगी बताया. कार्यक्रम में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार भी उपस्थित रहे. इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, अन्य वैज्ञानिक, कर्मचारी तथा कई गणमान्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा अतिथियों ने केंद्र के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की.












