देशवाणी
बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिले में ई-शिक्षा कोष एवं एचआरएमएस पोर्टल पर पाई गई विसंगतियों को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने कड़ा रुख अपनाया है। डीईओ ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को 24 घंटे के भीतर निर्धारित प्रारूप में आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बिहार द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद ई-शिक्षा कोष एवं एचआरएमएस पोर्टल पर दर्ज सभी त्रुटियों का तत्काल सत्यापन एवं सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत सभी बीईओ को निर्धारित प्रारूप में हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी सहित प्रतिवेदन उपलब्ध कराना होगा, ताकि 13 जुलाई 2026 तक सुधार संबंधी प्रतिवेदन मुख्यालय को भेजा जा सके।
शिक्षा विभाग के अनुसार, ई-शिक्षा कोष एवं एचआरएमएस पोर्टल पर दर्ज विसंगतियां राज्य के लगभग 22,155 शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण, सेवा अभिलेख एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बाधा बन रही हैं। इसे देखते हुए त्रुटियों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक तथा शिक्षक-शिक्षिका स्वयं उत्तरदायी होंगे।
जिला शिक्षा कार्यालय ने चार अलग-अलग प्रारूपों में विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है। इसके तहत ऐसे शिक्षकों का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है जिनकी मृत्यु हो चुकी है अथवा वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उनका नाम अब भी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज है। ऐसे मामलों में मृत्यु प्रमाण-पत्र तथा सेवा पुस्तिका के आवश्यक पृष्ठ संलग्न करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, सक्षमता परीक्षा चरण-1, 2, 3 एवं 4 उत्तीर्ण कर विशिष्ट शिक्षक बन चुके, लेकिन पोर्टल पर अब भी प्राथमिक शिक्षक के रूप में दर्ज शिक्षकों का रिकॉर्ड योगदान पत्र के आधार पर अद्यतन करने का निर्देश दिया गया है।
कक्षा 1 से 12 तक संचालित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विभाजन के बाद भी जिन शिक्षकों का विवरण पुराने यू-डाइस (UDISE) कोड पर अंकित है, उनके रिकॉर्ड में संशोधन करने को कहा गया है। वहीं, पीएमश्री उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संविलयित मध्य विद्यालयों के शिक्षकों का रिकॉर्ड यदि अब भी पुराने यू-डाइस कोड पर दर्ज है, तो उसे भी अद्यतन करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि पोर्टल की सभी त्रुटियों के दूर होने के बाद शिक्षकों के स्थानांतरण, सेवा पुस्तिका के संधारण तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। उल्लेखनीय है कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल की विसंगतियों का मामला पिछले कई दिनों से चर्चा में था। अब जिला शिक्षा कार्यालय ने समयबद्ध ढंग से सभी अभिलेखों को अद्यतन करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।












