Patna| सुरेन्द्र कुमार रंजन|
“शिव तत्त्व” की सफलता के बाद लेखक ने ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का किया प्रयास।
पटना। आशियाना-दीघा स्थित विशाल आदित्य अपार्टमेंट में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बहुमुखी प्रतिभा के धनी लेखक और पत्रकार जितेन्द्र कुमार सिन्हा की द्वितीय कृति “कायस्थ विरासत” का लोकार्पण संपन्न हुआ। यह पुस्तक न केवल कायस्थ समाज के ऐतिहासिक गौरव को रेखांकित करती है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला एक शोधपूर्ण दस्तावेज भी है। इससे पूर्व उनकी पहली कृति “शिव तत्त्व” का विमोचन 6 फरवरी 2026 को किया गया था, जिसे पाठकों की व्यापक सराहना मिली थी।
“कायस्थ विरासत” में सृष्टि के लेखाकार भगवान चित्रगुप्त की उत्पत्ति, उनके कार्य और उनके वंशजों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को अत्यंत विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने उन ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर किया है, जो अब तक गुमनामी में थे। लोकार्पण समारोह में महालेखाकार (सेवानिवृत्त) शशि भूषण प्रसाद, वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र कुमार रंजन, उच्च न्यायालय की प्रशाखा पदाधिकारी पूजा सबनम, कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार और धर्मेश कुमार सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। वक्ताओं ने कहा कि यह कृति समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और आत्मगौरव जागृत करने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर प्रोफेसर अमित सिन्हा, शालिनी सिन्हा और अभियंता प्रशांत सिन्हा सहित अनेक प्रबुद्ध जन मौजूद रहे। यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी समृद्ध विरासत को समझने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।
Patna | Launch of Jitendra Sinha’s book “Kayastha Heritage”, an effort to give a new direction to the society.












