Motihari । अमृता वर्मा।
मोतिहारी। जिले के रक्सौल अनुमंडल अंतर्गत हरैया उचीडीह के चार बेरोजगार दोस्तों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर हुई 21.75 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ठगी गयी राशि में से 10 लाख रुपये वापस करा दिये हैं। बैंक खाते में राशि वापस आते ही चारों दोस्तों के चेहरे खिल उठे। पीड़ितों को पैसे वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी और वे पिछले एक साल से न्याय के लिए साइबर थाने के चक्कर लगा रहे थे।

साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि हरैया उचीडीह निवासी अरशद अली ने 24 जून 2025 को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। अरशद को इंस्टाग्राम पर विदेश में नौकरी दिलाने का विज्ञापन दिखा था, जिसके बाद उसकी बातचीत सद्दाम हुसैन और फैजान अंसारी से हुई। झांसे में आकर अरशद अपने दोस्तों नौशाद आलम, मो. नूरुल्लाह और शोएब आलम के साथ कोलकाता गया। ठगों ने लक्जमबर्ग का वीजा और भारी वेतन वाली नौकरी का लालच देकर प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये की मांग की। चारों दोस्तों ने कर्ज लेकर 32 बार में कुल 21.75 लाख रुपये ठगों के खाते में जमा कर दिये। जब एम्बेसी में कागजातों की जाँच करायी गयी, तो वे फर्जी निकले। पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में तकनीकी छानबीन कर पुलिस ने ठगों के खाते फ्रीज कराए और 10 लाख की राशि वापस दिलाने में सफलता पायी।
Motihari | Four friends were duped of Rs 21.75 lakh, cyber police got Rs 10 lakh back.












