-वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने जारी किया कड़ा नोटिस, पार्किंग ठेकेदारों को विसंगतियां दूर करने के लिए दिया 10 दिनों का अल्टीमेटम
देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। रेल प्रशासन ने समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी स्टेशनों के पार्किंग स्थलों पर व्यवस्था सुधारने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, आगामी 20 जुलाई के बाद रेल अधिकारियों द्वारा किसी भी वक्त पार्किंग स्थलों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है।
रेलवे प्रशासन द्वारा जारी इस आवश्यक सूचना के माध्यम से सभी पार्किंग ठेकेदारों को स्पष्ट रूप से सचेत किया गया है। नोटिस के तहत ठेकेदारों को अपनी पार्किंग व्यवस्था में व्याप्त सभी प्रकार की विसंगतियों और कमियों को ठीक करने के लिए केवल 10 दिनों का सीमित समय दिया गया है। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि इस अवधि के भीतर सभी ठेकेदार अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लें, अन्यथा इसके बाद किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान यदि पार्किंग ठेका के अनुबंध में वर्णित किसी भी नियम या शर्त का उल्लंघन पाया जाता है, या किसी भी प्रकार की विसंगति सामने आती है, तो संबंधित पार्किंग ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही यात्रियों से होने वाली अवैध वसूली और ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए भी रेलवे ने कड़ा कदम उठाया है। सभी पार्किंग ठेकेदारों को यह सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपने पार्किंग स्थल पर अनुबंध में निर्धारित मानक दरों के अनुसार अनिवार्य रूप से दर सूची बोर्ड का प्रदर्शन एवं अनुपालन सुनिश्चित करें। ऐसा न करने या मानक दरों की अनदेखी करने वाले ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
रेलवे के इस कड़े कदम से जहां एक ओर पार्किंग में मनमानी करने वाले ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है, वहीं दूसरी ओर आम रेल यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। यात्रियों का मानना है कि दर सूची बोर्ड लगने और नियमित औचक निरीक्षण होने से उन्हें पार्किंग के नाम पर होने वाली अतिरिक्त पैसों की वसूली से बड़ी राहत मिलेगी।












