देशवाणी।अवधेश कुमार शर्मा।
बेतिया : पश्चिम चम्पारण सहित उत्तर बिहार और चम्पारण क्षेत्र में रेल यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रैक दोहरीकरण परियोजना ने एक नया आयाम स्थापित किया है। मुजफ्फरपुर–सुगौली–नरकटियागंज–वाल्मीकिनगर रेलखंड के अंतर्गत बेतिया से मझौलिया तक नवनिर्मित दोहरे रेल ट्रैक का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा इस नए ट्रैक का अंतिम निरीक्षण एवं हाई–स्पीड ट्रायल किया जाना है। ट्रायल सफल होने के बाद मझौलिया तक दोहरी लाइन पर नियमित रेल परिचालन शुरू होने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे ट्रेनों की क्रॉसिंग में लगने वाला समय बचेगा तथा दिल्ली जाने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम और समयबद्ध हो सकेगा।
इस ऐतिहासिक निरीक्षण को लेकर पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्र स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। वे शुक्रवार सुबह विशेष निरीक्षण ट्रेन से समस्तीपुर से बेतिया पहुंचे। उनके साथ इंजीनियरिंग, सिग्नल, विद्युत एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही।
सीआरएस निरीक्षण के दौरान 1,381.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आधारभूत संरचनाओं की व्यापक सुरक्षा जांच की जाएगी। इसमें नए रेलवे ट्रैक की मजबूती एवं एलाइनमेंट, अत्याधुनिक सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, ओवरहेड विद्युत उपकरणों की क्षमता, समपार फाटकों की सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण शामिल है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत सुगौली–वाल्मीकिनगर वाया नरकटियागंज रेल लाइन दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण परियोजना से पूरे चम्पारण क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर बिहार और नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों के लगभग 50 लाख लोगों को बेहतर और सुगम रेल यात्रा की सुविधा प्राप्त होगी। बेतिया, मझौलिया, चनपटिया और कुमारबाग क्षेत्र के लाखों यात्रियों को अब ट्रेनों की क्रॉसिंग के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इसके अतिरिक्त मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही से खाद्यान्न, उर्वरक और पेट्रोलियम पदार्थों की ढुलाई में तेजी आएगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
हालांकि, परियोजना के अंतिम चरण के कार्यों के कारण यात्रियों को असुविधा का भी सामना करना पड़ा। बेतिया–मझौलिया रेलखंड पर नॉन–इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के लिए लिए गए पांच घंटे के मेगा ब्लॉक के कारण बांद्रा एक्सप्रेस और सप्तक्रांति एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें लगभग छह घंटे की देरी से बेतिया स्टेशन पहुंचीं।
लंबे समय तक प्रतीक्षा कर रहे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। रेलवे द्वारा बार–बार समय परिवर्तन की सूचना दिए जाने से क्षुब्ध यात्रियों ने स्टेशन परिसर और रिफंड काउंटर पर हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को मोर्चा संभालना पड़ा।
ट्रेनों के अत्यधिक विलंब के कारण कई यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर टिकट वापसी के लिए आवेदन किया। ऑनलाइन और काउंटर टिकट धारकों के बीच रिफंड नियमों को लेकर रेलकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।












