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नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेल खण्ड अंतर्गत बेतिया-मझौलिया स्टेशन के मध्य दोहरीकरण उपरांत सीआरएस निरीक्षण की प्रतीक्षा

देशवाणी 

बेतिया : नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेल खण्ड अंतर्गत बेतिया-मझौलिया स्टेशन के मध्य दोहरीकरण को नया रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। ट्रैक बिछाने से ट्रेन परिचालन की आवश्यक सभी तकनीकी कार्यों को अंतिम टच दिया जा चुका है। अब इस नवनिर्मित रेलखंड पर ट्रेनों के कमर्शियल परिचालन को प्रारंभ करने के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) के अंतिम निरीक्षण और औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा है। रेलवे के यातायात निरीक्षक विनोद कुमार के अनुसार सुरक्षा मानकों को जाँच को शीघ्र ही बेतिया-मझौलिया रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण कराया जाएगा । तत्पश्चात उपर्युक्त रेल खण्ड पर ट्रेनों के दौड़ने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो जाएगा। रेलवे ने अभी तक निरीक्षण की किसी सटीक तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं किया है। उच्च स्तर से हरी झंडी मिलते ही प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ की जाएगी। नए ट्रैक के तैयार होने से चम्पारण के लोगों और रेल यात्रियों में उत्साह है। बेतिया मझौलिया का दोहरिकरण ट्रैक तैयार है, स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है। बेतिया स्टेशन अधीक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव के अनुसार समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम के आगामी बेतिया भ्रमण के बाद ही पुराने स्टेशन भवन को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत स्टेशन परिसर में अस्थायी टिकट काउंटर की व्यवस्था कर दी गई है। निर्माण एजेंसी ने स्टेशन परिसर में सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैरिकेडिंग का कार्य किया है, जिसकी वजह से यात्रियों को आवागमन में थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेल खण्ड के बेतिया-मझौलिया रेल ट्रैक का दोहरीकरण और विद्युतीकरण पूर्ण हो गया है। उपर्युक्त दो स्टेशन के मध्य दोहरीकरण पूर्ण होने से उत्तर बिहार के लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी। ट्रेनों की गति में वृद्धि और समय की बचत होने से लोगों को सुविधा होगी। पहले सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर घंटों की प्रतीक्षा समाप्त हो गई। डबल ट्रैक होने से ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म होगी।आधुनिक ट्रैक की वजह से इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 110 से 130 किमी/घंटा तक की जा सकेगी, जिससे पटना, मुजफ्फरपुर या दिल्ली जाने वाले यात्रियों का कीमती समय बचेगा। नई ट्रेनों और वंदे भारत का रास्ता साफ: ट्रैक की क्षमता (लाइन कैपेसिटी) बढ़ने के बाद रेलवे इस रूट पर नई एक्सप्रेस, पैसेंजर और ‘वंदे भारत’ जैसी प्रीमियम ट्रेनें चला सकेगा। इससे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बंगाल और मुंबई जैसे महानगरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

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