>जमुनिया विद्यालय परिसर में लगे जिम बच्चों के लिए बना खतरा,ग्रामीणों ने जताई चिंता
Bettiah. रवि कुमार मिश्रा।
बेतिया/नरकटियागंज। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में युवाओं और बुजुर्गों को तंदुरुस्त रखने के उद्देश्य से शुरू की गई ओपन जिम योजना पूरी तरह धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है। सरकारी राशि का दुरुपयोग और देखरेख का अभाव इस योजना पर भारी पड़ रहा है। इसकी ताजा बानगी धूमनगर पंचायत के जमुनिया गांव स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय के परिसर में देखने को मिली है। यहाँ लाखों की सरकारी राशि खर्च कर ओपन जिम लगाया गया था, जो आज पूरी तरह बदहाल और अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है।
स्थानीय ग्रामीण सूडन साईं, नेसार खान,समसूल होदा, खुर्शेद अली आदि ने बताया कि जिम के सारे उपकरण जर्जर होकर टूट चुके हैं। घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण शुरुआती दिनों से ही इस योजना पर सवाल उठ रहे थे, और आज यह पूरी व्यवस्था कबाड़ में तब्दील हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से पैसा यहाँ लगाया गया था, उसका लाभ किसी को नहीं मिला।
चिंता की बात यह है कि जिस परिसर में यह कबाड़ हो चुका जिम स्थित है, वहीं पर विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है। स्वाभाविक है। जिम के टूटे और नुकीले लोहे के सामान अब बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने कहा किपंचायतों के विकास कोष से जिम लगाने की योजना तो कागजों पर चमका दी गई, लेकिन इसके रखरखाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। ग्रामीणों ने इस दिशा में अविलंब जांच करने और जर्जर हो चुके खतरनाक उपकरणों को परिसर से हटवाने या उन्हें दुरुस्त कराने की मांग की है।












