HomeBreakingमोतिहारी NDPS कोर्ट : चरस तस्करी में दो बैंक-लुटेरों को एक-एक लाख...

मोतिहारी NDPS कोर्ट : चरस तस्करी में दो बैंक-लुटेरों को एक-एक लाख का जुर्माना व बारह-बारह साल की सश्रम सजा

-

Motihari News|

By Nikhil Vijay Kr Singh


2023 में बैंक लूट की रकम बॉंटते चकिया में पकड़े गए थे दोनों अभियुक्त, एक-एक लाख का जुर्माना नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा-

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)।
एनडीपीएस कोर्ट-2 के विशेष न्यायाधीश सूर्यकांत तिवारी ने चरस तस्करी मामले में दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए बारह-बारह वर्षों का सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थ दंड सुनाया है। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्तों को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दरअसल दोनों दोषी बैंक लुटेरे हैं। फ़िलहाल इन्हें चरस तस्करी में सजा हुई है।

2023 में बैंक लूट की रकम बॉंटते चकिया में पकड़े गए थे दोनों अभियुक्त। पुलिस ने इनके पास से फायर आर्म्स व चरस भी ज़ब्त किये थे। हालांकि रेड के समय इनके दो अन्य साथी डकैत मौके से फरार हो गये थें।


चकिया थाना क्षेत्र के हैं दोनों अभियुक्त

सजा चकिया थाना क्षेत्र के हिंदू चकिया गांव निवासी रंजीत कुमार उर्फ त्रिवेदी और कन्हैया कुमार को सुनाई गई। दोनों को अप्रैल 2023 में उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे डकैती की योजना बना रहे थे।


पिस्टल, चाकू और डेढ़ किलो चरस जब्त

20 अप्रैल 2023 की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि चकिया न्यू बाइपास चौक के पास स्थित होटल ग्रैंड एंड मैरेज हॉल के समीप चार युवक बैंक लूट की रकम बांटने के लिए जमा हुए हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से लोडेड पिस्टल, चाकू और करीब डेढ़ किलो चरस बरामद हुआ।


चार में से दो का मामला अलग अदालत में

इस मामले में चकिया थाना कांड संख्या 144/2023 के तहत तत्कालीन थानाध्यक्ष ने चार युवकों – रंजीत कुमार उर्फ त्रिवेदी, कन्हैया कुमार, अंकुश कुमार और प्रदीप कुशवाहा – के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्रदीप कुशवाहा का मामला बाल न्यायालय में चला, जबकि अंकुश कुमार का मामला अलग कर दिया गया।


छह गवाहों के बयान के आधार पर हुई सजा

वाद की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी ने आधा दर्जन गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। सभी तथ्यों और गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने रंजीत कुमार और कन्हैया कुमार को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) ii (सी) और 29 के तहत दोषी ठहराया और कठोर सजा सुनाई।

क्या आप चाहें तो मैं इसका एक छोटा न्यूज़ ग्राफिक भी बना सकता हूँ?

Related articles

Bihar

Latest posts