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Wednesday, July 15, 2026
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संतुलित उर्वरकों का कृषि में प्रयोग एवं मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन

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– शनिवार को भी वारिस होने की संभावना

फोटो : डा अरविन्द कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक सह प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र, पीपराकोठी

पीपराकोठी : प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश किसानों के लिए मिली-जुली स्थिति लेकर आई. एक ओर जहां तेज हवा और बारिश से आम के फलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है, वहीं दूसरी ओर यह बारिश धान की सीधी बुआई करने वाले किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रही है. बारिश होने से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे किसानों को बुआई कार्य में सहूलियत मिलेगी. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान सह वरीय वैज्ञानिक डा अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि जिन खेतों की जुताई पहले से हो चुकी है, वहां के लिए यह बारिश बेहद उपयोगी है. खेतों में पर्याप्त नमी रहने से किसान आसानी से धान की सीधी बुआई कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि इस समय मौसम का अनुकूल होना किसानों के लिए राहत की बात है, क्योंकि धान की बुआई के लिए नमी सबसे महत्वपूर्ण होती है. हालांकि तेज हवा के कारण आम उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है. डा सिंह ने बताया कि हवा के झोंकों से आम के फल टूटकर गिर सकते हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है. कई जगहों पर छोटे और कच्चे आम के फल झड़ने की संभावना अधिक रहती है. इससे बागवान किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. क्षेत्र के किसानों का कहना है कि बारिश से गर्मी से राहत मिली है और खेतों में नमी आने से खेती कार्य में तेजी आएगी. वहीं आम उत्पादक किसान फलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए. मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी बारिश होने की संभावना जताई गई है. ऐसे में किसानों को मौसम के अनुसार खेती कार्य करने की सलाह दी गई है.

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