देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। जिला प्रशासन इस वक्त कचरा प्रबंधन और शहरी स्वच्छता को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले के आलोक में जिलाधिकारी द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य निर्देश जारी किया गया है। समाहरणालय के नगर विकास कोषांग एवं जिला विकास शाखा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आगामी 22 जुलाई को सुबह 11:00 बजे से शहर के राजाबाजार स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में जिले के सभी नगर निकायों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए एक महा-प्रशिक्षणकि कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पूरी तरह अनिवार्य कर दी गई है।
मालूम हो कि यह पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल अपील संख्या 6174/2023 (भोपाल म्युनिसिपल कॉरपोरेशन बनाम डॉ. सुभाष सी. पांडे एवं अन्य) में पारित सख्त आदेश के तहत की जा रही है, जिसके आलोक में बिहार सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रतिपादन किया गया है। जिलाधिकारी ने मोतिहारी नगर निगम के नगर आयुक्त सहित चकिया, रक्सौल और ढाका के कार्यपालक पदाधिकारियों और केसरिया, अरेराज, मेहसी, पकड़ीदयाल व सुगौली के नगर पंचायत पदाधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और वार्ड पार्षदों को तुरंत इस संबंध में सूचित कर उनकी शत-प्रतिशत भागीदारी हर हाल में सुनिश्चित कराएं।
इस बड़े आयोजन को लेकर जिले में प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। जिलाधिकारी ने मोतिहारी के नगर आयुक्त को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि वे महात्मा गांधी प्रेक्षागृह को आरक्षित करते हुए सुरक्षा, बैठक, ध्वनि विस्तारक यंत्र और अन्य सभी अनिवार्य व्यवस्थाओं को ससमय चाक-चौबंद करना सुनिश्चित करें। अधिकारियों का मानना है कि शीर्ष अदालत के निर्देश पर लागू हो रहे इस नए कानून और जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण से पूर्वी चम्पारण के सभी शहरी क्षेत्रों में कचरा निपटान, रीसाइक्लिंग और स्वच्छता के ढांचे में एक क्रांतिकारी और व्यापक जमीनी बदलाव देखने को मिलेगा।












