देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के युवाओं और मरीजों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने चकिया के कोइलाबेलवा स्थित विराट रामायण इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस को 150 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले की आधिकारिक मान्यता प्रदान कर दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। बुधवार सुबह संस्थान के संस्थापक आलोक शर्मा ने सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की, जहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज की प्रगति और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर गहन चर्चा की।
इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि यह सिर्फ मोतिहारी ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस मान्यता से पूर्वी चंपारण सहित राज्य भर के मेधावी विद्यार्थियों को अब अपने ही घर के पास गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि चकिया से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर कोइलाबेलवा गांव में इस भव्य मेडिकल कॉलेज का परिसर बनकर तैयार है। इस संस्थान में फिलहाल 650 बेड का एक अत्याधुनिक अस्पताल पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहा है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि 150 एमबीबीएस सीटों की इस नई मंजूरी के बाद यह संस्थान आने वाले दिनों में उत्तर बिहार में चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा, जिससे क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।












