देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। जनसंघ के संस्थापक और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर रुलही उच्च विद्यालय परिसर में रविवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार की उपस्थिति में हुई इस बैठक में डॉ. मुखर्जी की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।
बैठक में विधायक प्रमोद कुमार के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से रुलही रोड का नाम बदलकर डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी पथ रखने की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही, रुलही पंचायत के मुखिया मदन दास द्वारा रुलही के चारों प्रवेश द्वारों का नाम डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वार रखने के प्रस्ताव का भी उपस्थित लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
बैठक को संबोधित करते हुए नगर विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, शिक्षा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनकी जयंती पर हमें उनके आदर्शों और राष्ट्रनिर्माण के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर भाजपा अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजय ठाकुर, वरिष्ठ नेता सुनील सिंह, मंडल प्रभारी मैनेजर सिंह और मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार सिन्हा सहित दर्जनों पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने डॉ० मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।












