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Saturday, July 25, 2026
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शिकारपुर पंचायत में बिना टेंडर व तकनीकी स्वीकृति के ही करा दिए गए विकास कार्य, मुखिया के मोर्चा खोलते ही सामने आईं बड़ी गड़बड़ियां; हाईमास्ट लाइट, लाइब्रेरी और कुर्सी खरीद में नियमों की उड़ी धज्जियां

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बेतिया,रवि कुमार मिश्रा।

पश्चिम चम्पारण अंतर्गत ​नरकटियागंज प्रखंड की शिकारपुर पंचायत में चल रही विकासात्मक योजनाओं में गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों का बड़ा मामला उजागर हुआ है। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन जैसे ही मुखिया राहुल जायसवाल ने प्रखंड प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला, वैसे ही पंचायत की योजनाओं में बिना टेंडर के मनमानी खरीदारी और बिना प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति के अग्रिम कार्य कराने जैसे कई चौंकाने वाले मामले सामने आ गए हैं। इस मामले में प्रखंड प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पंचायत कर्मियों और एजेंसी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।

बीडीओ सूरज कुमार सिंह ने बताया कि शिकारपुर पंचायत में चल रही विकास योजनाओं की प्राथमिक जांच में व्यापक अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसकी अब विधिवत व विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि पंचायत में नियमों को ताक पर रखकर दो-दो लाख रुपये की लागत से हाईमास्ट लाइट लगाने, ढाई लाख रुपये की लागत से लाइब्रेरी बनाने और लगभग एक लाख रुपये की सीमेंटेड कुर्सियों की खरीदारी बिना ‘जेम’ पोर्टल के ही कर ली गई। इतना ही नहीं, कुछ योजनाओं के तो अब तक सरकारी अभिलेख भी नहीं खुले हैं और न ही उनकी कोई तकनीकी स्वीकृति ली गई है। इसके बावजूद योजना स्थल पर कार्य करा दिए गए।बीडीओ ने स्पष्ट किया कि शिकारपुर के मुखिया द्वारा प्रखंड प्रशासन पर जो आरोप लगाए गए थे, उसके संबंध में उनसे लिखित साक्ष्य मांगा गया है। मुखिया को अपने सभी साक्ष्य अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। यदि वे साक्ष्य देने में विफल रहते हैं, तो प्रशासन की छवि धूमिल करने के आरोप में उनके खिलाफ विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वही शिकारपुर पंचायत के मुखिया और प्रखंड प्रशासन के बीच का यह हाई-प्रोफाइल मामला अब पूरे प्रखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध जनों के बीच यह आशंका भी जताई जा रही है कि प्रखंड की अन्य पंचायतों की तरह यह मामला भी कहीं ठंडे बस्ते में न चला जाए। इससे पूर्व भी डुमरिया पंचायत के वार्ड संख्या 10 में नाला निर्माण में भारी गड़बड़ी, शेरहवा पंचायत के वार्ड 7 में योजना का फर्जीवाड़ा और भसुरारी पंचायत की विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितता की गंभीर शिकायतें मिली थीं। लेकिन, आज तक उन मामलों पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की, यह किसी को नहीं पता। अब देखना यह है कि शिकारपुर पंचायत में उजागर हुई इन ताजा गड़बड़ियों पर प्रशासन कोई ठोस व दंडात्मक कार्रवाई करता है या यह मामला भी पुरानी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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