Motihari | निखिल विजय कुमार सिंह।
मोतिहारी। बरारस घराने के वरिष्ठ हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक और संगीत शिक्षक पंडित आत्माराम मिश्र का शुक्रवार की सुबह हृदयगति रुकने से निधन हो गया। लगभग 57 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांसें लीं। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके।
पंडित आत्माराम मिश्र शहर के मंगल सेमिनरी इंटर कॉलेज में संगीत के सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता, उत्तर बिहार के ख्यातिलब्ध शास्त्रीय गायक पंडित मार्कण्डेय मिश्र से प्राप्त की थी। उनके पिता हिंदुस्तानी संगीत के मर्मज्ञ और आदर्श गुरु माने जाते थे, जिनसे उत्तर बिहार के अनेक शिष्य मोतिहारी आकर संगीत की शिक्षा लेते थे।
परिवार शहर से सटे चिलवनिया स्थित अपने पैतृक घर में रहता है। हाल ही में पंडित आत्माराम मिश्र उस पुराने मकान को तोड़कर नया मकान बनवा रहे थे। परिजनों और पड़ोसियों के अनुसार वे अपने पुत्रों के लिए श्रद्धा और उत्साह से निर्माण कार्य की देखरेख करते थे। सुबह की ठंड में जब वे पिलरों पर पानी देने निकले, तभी उन्हें बेचैनी महसूस हुई और अचानक हृदयाघात हो गया।
उनके तीन पुत्रों में से विवेक शिरोमणि मिश्र और अनुराग मिश्र का चयन हाल ही में बीपीएससी के माध्यम से संगीत शिक्षक के रूप में हुआ है। परिवार और शिष्यों का कहना है कि पंडित आत्माराम मिश्र ने सादगी, समर्पण और संगीत साधना के बल पर सैकड़ों विद्यार्थियों को संगीत की राह दिखायी।
उनके निधन की खबर जैसे ही फैली, संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गयी।चिलवनिया स्थित उनके निवास पर बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी और शिष्य उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
जिले के चैता निवासी प्रसिद्ध लोकगायक नरेश चंचल ने सोशल मीडिया पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि “बहुत ही पीड़ादायक सूचना मिली है। आज हमारे संगीतगुरु पंडित आत्माराम मिश्र अचानक हमें छोड़कर चले गए।”
Motihari | Pandit Atmaram Mishra, the guiding star of Hindustani classical singing and music teacher at Mangal Seminary, is no more.












