देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए भारत सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण दूरसंचार परियोजनाओं में से एक ‘भारतनेट’ के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट क्रांति लाने और स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारतनेट उद्यमी योजना की शुरुआत की गई है। डिजिटल भारत निधि द्वारा चरणबद्ध तरीके से चलाई जा रही इस परियोजना का संचालन एवं रख-रखाव भारत सरकार ने भारत संचार निगम लिमिटेड को सौंपा है।
इस योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बीएसएनएल मोतिहारी के परिचालन प्रमुख हरेन्द्र कुमार ने बताया कि यह ग्रामीण युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम पंचायत सदस्यों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए कमाई के साथ-साथ अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देने का एक शानदार मौका है। इस विशेष अवसर पर वरीय लेखा पदाधिकारी विकाश कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे।
6 लाख गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड
कहा कि भारतनेट परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य देश की सभी 2.6 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ना है। हालांकि, केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए एक हालिया फैसले के बाद अब इसका दायरा मांग के आधार पर देश के सभी लगभग 6 लाख गांवों तक बढ़ा दिया गया है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण भारत में उच्च बैंडविड्थ क्षमता और मोबाइल सेवाओं का विस्तार करना है।












