नगर आयुक्त को आवेदन देकर मानसून से पहले बड़े नाले का अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। नगर निगम क्षेत्र के जानपुल रोड, शांतिनिकेतन स्कूल और ज्ञानदीप हॉस्टल के समीप रहने वाले स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। कुछ रसूखदार लोगों और भू-माफियाओं द्वारा प्राकृतिक जल निकासी के मुख्य नाले को अवरुद्ध कर मिट्टी भर दिए जाने के कारण पिछले चार-पांच दिनों से पूरा इलाका टापू में तब्दील हो गया है। जलजमाव की इस गंभीर स्थिति से नाराज मोहल्लेवासियों ने नगर आयुक्त को एक सामूहिक आवेदन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
स्थानीय नागरिकों द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार, शांतिनिकेतन स्कूल से उत्तर ज्ञानदीप हॉस्टल के पास, विजय सिंह के घर के पश्चिम एवं आर. रिसॉर्ट स्टेशन-जानपुल रोड के पूर्व से नियमित रूप से बहने वाले पानी का प्रवाह प्राकृतिक रूप से मोतीझील में जाता रहा है। परंतु विगत दिनों में कुछ भू-माफियाओं एवं स्थानीय असामाजिक तत्वों द्वारा नाले के अग्रभाग को जबरन अवरुद्ध कर दिया गया और वहां मिट्टी भराई का कार्य कर दिया गया। इसके फलस्वरूप पूरे क्षेत्र की जलनिकासी पूरी तरह ठप हो गई है।
इस कृत्रिम अवरोध के कारण पिछले चार-पांच दिनों से घरों, सड़कों और पूरे परिसर में भारी जलजमाव हो गया है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि स्थानीय लोगों को अपने दैनिक कार्यों के संपादन के लिए भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के चलते मोहल्ले में स्थित कार्यालय, स्कूल, स्थानीय बाजार, सिविल कोर्ट और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों, मरीजों तथा स्कूली बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।
मोहल्लेवासियों ने आवेदन में स्पष्ट चेतावनी दी है कि वर्तमान में मानसून का समय अत्यंत निकट है। ऐसे में जो बड़े-बड़े नाले निर्माणाधीन हैं, उनका पानी भी इसी जलक्षेत्र से प्रभावित होकर निरंतर मोतीझील में प्रवाहित होना तय है। यदि इस मुख्य नाले के अवरोध को तुरंत नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या एक भयंकर त्रासदी का रूप ले लेगी और आधा से अधिक शहर जलमग्न हो सकता है।
मोहल्ले के लोगों ने नगर आयुक्त से इस विषय पर अत्यंत गंभीरतापूर्वक विचार करने की अपील की है। नागरिकों की मुख्य मांग है कि नाले के पानी को अविरल और सुचारू रूप से प्रवाहित करने के लिए नाले को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि क्षेत्र को इस नारकीय जलजमाव से स्थाई मुक्ति मिल सके। दीपक कुमार, सुबोध गिरि, जितेंद्र गिरि, आलोक कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, शकुंतला झा, पूनम देवी, आदित्य राज, अंशु कुमारी, राजेश राज, सरोज कुमार व मोहन कुमार आदि मोहल्लेवासी ने नगर आयुक्त को आवेदन कार्रवाई की मांग की है।












