Motihari | माला सिन्हा|
पिपराकोठी| मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, जिन्होंने त्रेता युग में रावण का संहार करने के लिए धरती पर अवतार लिया. श्रीराम वैदिक संस्कृति और सभ्यता के आदर्श प्रतीक हैं. राम के जीवन में वैदिक संस्कृति का साकार रूप देखने को मिलता है.मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत जब हम विश्व के महापुरूषों के जीवन पर दृष्टि डालते हैं, तो राम का जीवन सर्वोपरि जान पड़ता है.आज हजारों वर्षों से राम का पावन चरित्र लाखों लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन देता है. उक्त बातें क्षेत्र के जीवधारा स्थित श्री रामजानकी मंदिर परिषर में आयोजित श्री शतचण्डी महायज्ञ के दौरान अपने प्रवचन में आचार्य आशुतोष दत्त परासर ने कही. आगे उन्होंने कहा कि श्री राम अपने भाई लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न से एक समान प्रेम करते थे. उन्होंने माता कैकेयी की 14 वर्ष वनवास की इच्छा को सहर्ष स्वीकार करते हुए पिता के दिए वचन को निभाया. उन्होंने ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाए’ का पालन किया. भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इन्होंने कभी भी कहीं भी जीवन में मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया. माता-पिता और गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए वह ‘क्यों’ शब्द कभी मुख पर नहीं लाए. वह एक आदर्श पुत्र, शिष्य, भाई, पति, पिता और राजा बने, जिनके राज्य में प्रजा सुख-समृद्धि से परिपूर्ण थी. उन्होंने श्री राम के आदर्श पर चलने की नसीहत दी.
-महायज्ञ के आठवें दिन उमड़ी श्रद्धांलुओं की भीड
पीपराकोठी : जीवधारा में श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के आठवें दिन महिला पुरुष भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान यज्ञआचार्य शुतोषदत परासर द्वारा वेद मन्त्रोंच्चारण के साथ यज्ञ को संपन्न कराया जा रहा है. वहीं यज्ञ के प्रधान जजमान संदेश्वर पाण्डेय, सहायक यजमान संतोष कुमार पाण्डेय, अजय कुमार द्विवेदी, संतोष गुप्ता, सुनील कुमार गुप्ता, सुरेश पंडित, बिरजू साह, गया साह, रानू राय है, इस संबंध में यज्ञ समिति के अध्यक्ष रामबाबू सिंह ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से स्थानीय लोगों के सहयोग से लगातार यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. यहां प्रतिदिन संत महात्माओं के द्वारा भजन प्रवचन होता है. खासकर बच्चों व महिलाओं के लिए खेल तमाशे व मेला का प्रबंधक किया गया है. सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस प्रसाशन का सराहनीय सहयोग है वही समिति के स्वयं सेवक भी लगे हुए है. सप्तमी एवं अष्टमी का महाप्रसाद विद्या वाचस्पति नंदकिशोर पाण्डेय सेवा फाउंडेशन वेद विद्यालय मुजफ्फरपुर द्वारा किया गया. मौके पर सदस्य पप्पू गुप्ता, श्याम किशोर, कृष्णा कुशवाहा, सुरेंद्र गिरी, कोषाध्यक्ष मदन प्रसाद जायसवाल सहित अन्य यज्ञ की सफलता में लगे हुए है.












