spot_img
Thursday, May 14, 2026
Homeबनारस से बैंकॉक तक सनातन का प्रचार : पंडिताई से पंडित उपाध्याय...

बनारस से बैंकॉक तक सनातन का प्रचार : पंडिताई से पंडित उपाध्याय ने सात समंदर पार कायम की अलग पहचान

-

देश वाणी। अजय कुमार।

थाईलैंड यात्रा के दौरान पटाया शहर के एक होटल में नाश्ते के समय एक दिलचस्प मुलाकात ने सफर को यादगार बना दिया। ‘किंग कॉंग जिंग’ होटल में ब्रेकफास्ट के दौरान टेबल पर एक साधारण से दिखने वाले, पीले वस्त्र पहने व्यक्ति आकर बैठे। मुस्कुराहट के साथ हुए इस अभिवादन ने बातचीत की शुरुआत कर दी, जो धीरे-धीरे एक प्रेरणादायक कहानी में बदल गयी। बातचीत के दौरान उन्होंने अपना परिचय पंडित त्रिवेणी उपाध्याय के रूप में दिया और बताया कि वे उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले हैं।

उन्होंने बताया कि स्नातक करने के बावजूद उन्हें भारत में नौकरी नहीं मिल सकी, जिससे वे काफी समय तक बेरोजगार रहे। इसी दौरान उनके एक दूर के रिश्तेदार, जो बैंकॉक में रहकर पूजा-पाठ कराते थे, उनसे संपर्क हुआ। उनके कहने पर त्रिवेणी ने एक गुरुकुल से पंडिताई की शिक्षा प्राप्त की और जनवरी 2010 में थाईलैंड पहुंच गये। शुरुआत में उन्हें दो मंदिरों में पूजा कराने की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने पूरी लगन और समर्पण के साथ अपने कार्य को अपनाया। धीरे-धीरे उनके पूजा-पाठ के तरीके और व्यवहार से लोग प्रभावित होने लगे। उन्होंने बताया कि जब वे सुबह शंख बजाते थे, तो मंदिर में महिलाओं की भीड़ जुटने लगती थी।

हालांकि, शुरुआत में भाषा एक बड़ी बाधा थी, लेकिन उन्होंने इशारों और भाव-भंगिमा के माध्यम से लोगों से जुड़ना जारी रखा। समय के साथ उन्होंने थाई भाषा भी सीख ली, जिससे उनका कार्य और आसान हो गया। उनका कार्यक्षेत्र बैंकॉक से बढ़कर पटाया तक फैल गया और कई दफ्तरों में भी उन्हें पूजा-पाठ के लिए बुलाया जाने लगा। उनके रिश्तेदार ने भी उनकी सफलता को स्वीकारते हुए कहा कि त्रिवेणी अब उनसे आगे निकल चुके हैं। वर्ष 2018 में वे अपनी मां के बुलावे पर भारत लौटे, जहां उनका विवाह गायत्री नामक युवती से हुआ।

शादी के डेढ़ महीने बाद वे फिर अपने कर्मस्थल थाईलैंड लौट आए। पंडित त्रिवेणी उपाध्याय का कहना है कि थाईलैंड में सनातन धर्म को मानने वालों की कोई कमी नहीं है और यहां भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। करीब आधे घंटे तक चली इस बातचीत के बाद वे पूजा के लिए रवाना हो गए, जबकि पत्रकार अजय कुमार अपने अन्य साथियों के साथ पटाया भ्रमण पर निकल पड़े। यह मुलाकात इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और सही अवसर मिलने पर कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान दुनिया के किसी भी कोने में बना सकता है।

Related articles

Video thumbnail
12 May 2026
00:41
Video thumbnail
बेतिया। लौकी की फसल पर गुम्मी स्टेम ब्लाइट का हमला, 80 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका,11 May 2026
00:30
Video thumbnail
Bettiah | Madhopur, हाइब्रिड मक्का की फसल बिना दाना की निकली, परसा के किसानों की बढ़ी चिंता,10 May
00:24
Video thumbnail
Motihari | भीषण अगलगी में दो बच्चों समेत तीन की मौत, गृहस्वामी ने छत से कूदकर बचायी जान, 8 May 2026
00:32
Video thumbnail
बेतिया में अवैध वृद्धाश्रम पर छापा, बंधक बनाकर रखे गये 15 बुजुर्गों को कराया गया मुक्त, PBSHABD
03:07
Video thumbnail
5 May 2026
00:14
Video thumbnail
रक्सौल में सूखा नशा को कारोबार
01:38
Video thumbnail
भारत- नेपाल सीमा पर आईपीएस हेमंत सिंह ने जब्त किये 12 हजार नशीले इंजेक्शन, दो तस्कर गिरफ्तार
02:45
Video thumbnail
भारत- नेपाल सीमा पर आईपीएस हेमंत सिंह के नेतृत्व में 12 हजार नशीले इंजेक्शन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
04:41
Video thumbnail
बेतिया। चौतरवा थानाध्यक्ष पर बेरहमी से मारपीट और वसूली का आरोप, एसपी ने दिये जांच के आदेश।
03:19

Bihar

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
spot_img

Latest posts