NewDelhi, PBSHABD, AIR Headquater
सार्वजनिक स्थलों पर जैविक विष ‘रिसिन’ के जरिए सामूहिक नरसंहार करने की थी साजिश।
हैदराबाद और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं आरोपी, युवाओं को आतंक के लिए करते थे भर्ती।
अरंडी के बीजों से बनने वाले घातक रिसिन को रासायनिक हथियार की सूची में किया गया है शामिल।
मोतिहारी। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने एक डॉक्टर समेत तीन लोगों के विरुद्ध आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक बड़े षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप पत्र दायर किया है। इस साजिश का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर जैविक विष का इस्तेमाल करके सामूहिक नरसंहार करना था। हैदराबाद के डॉ. सैयद अहमद मोहिउद्दीन और उत्तर प्रदेश के सह-आरोपी आजाद तथा मोहम्मद सुहेल को गुजरात के अहमदाबाद स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया है।
जांच के अनुसार, इस्लामिक स्टेट से जुड़े इन अभियुक्तों ने समन्वित तरीके से काम करते हुए कट्टरपंथी युवाओं को जिहाद के नाम पर भर्ती किया और प्रतिबंधित हथियारों के माध्यम से आतंक फैलाने की साज़िश रची। उन्होंने अपने नापाक एजेंडे को अंजाम देने के लिए रिसिन नामक घातक विष का इस्तेमाल करने की तैयारी की थी। रिसिन अरंडी के बीजों से प्राप्त एक अत्यधिक विषैला पदार्थ है, जिसे रासायनिक हथियार की श्रेणी में रखा गया है।
यह मामला मूल रूप से गुजरात एटीएस द्वारा नवंबर 2025 में डॉ. मोहिउद्दीन की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य आरोपियों को भी दबोचा गया।
New Delhi | NIA files chargesheet against doctor and three others for conspiracy to commit genocide using biological poison.












