हॉस्पिटल चौक से मुफस्सिल थाना के बीच एक सांड ने अब तक एक दर्जन लोगों को किया घायल।
रात के अंधेरे में नहीं दिखते काले मवेशी, तेज रफ्तार बाइक सवार हो रहे दुर्घटना के शिकार।
देश वाणी। दिलीप दुबे।
मोतिहारी। शहर की सूरत इन दिनों बदली-बदली सी है, लेकिन यह बदलाव विकास का नहीं बल्कि दहशत का है। मोतिहारी की मुख्य सड़कों से लेकर तंग गलियों तक, हर जगह बेसहारा पशुओं का साम्राज्य कायम है। आलम यह है कि पैदल चलने वाले हों या बाइक सवार, हर कोई इस खौफ में रहता है कि कब कौन सा जानवर उन पर हमला कर दे। शहर में आवारा पशुओं, विशेषकर सांड, गाय और कुत्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
विशेष रूप से हॉस्पिटल चौक से मुफस्सिल थाना के बीच एक सांड चलती बाइक को टक्कर मारने के लिए कुख्यात हो चुका है, जो अब तक करीब एक दर्जन लोगों को घायल कर चुका है। यह सांड चलती बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मारता है।
इससे भी खतरनाक स्थिति रात के अंधेरे में काले रंग के मवेशियों के कारण बनती है, जो बाइक सवारों को दिखाई नहीं देते। तेज रफ्तार वाहन चालकों को ये बिल्कुल नजदीक आने पर दिखते हैं, जिससे संभलने का मौका नहीं मिलता और वे दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
प्रमुख चौक-चौराहों पर पशुओं के जमावड़े से घंटों जाम लगा रहता है। नगर निगम ने बीते अक्टूबर माह में ही हनुमानगढ़ी स्थित श्रीगौशाला को बेसहारा पशुओं को पकड़ने का कार्यादेश दिया था, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। नगर आयुक्त आशिष कुमार ने बताया कि गौशाला को जिम्मेदारी सौंपी गयी है और मामले की विस्तृत समीक्षा के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।












