देश वाणी। अनिल कुमार।
रक्सौल/वीरगंज। नेपाल के सीमावर्ती शहर वीरगंज में इन दिनों अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन के ‘बुलडोजर एक्शन’ से हड़कंप मचा हुआ है। करीब 13 वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक मामले में फैसला आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराने के लिए सख्त रुख अपनाया है। इस कार्रवाई से शहर के व्यवसायियों और मकान मालिकों के बीच भारी हलचल है।

जानकारी के अनुसार, नगर क्षेत्र में सड़क किनारे और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर याचिका दायर की गयी थी। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने प्रशासन को अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया। इसके बाद नगर निकाय और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच घंटा घर, मेन रोड और आदर्श नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बुलडोजर चलाकर दुकानों व पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार है और संबंधित लोगों को पूर्व में ही नोटिस दिया जा चुका था। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर लोगों के विरोध के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गयी, जहाँ पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। व्यापारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि वर्षों पुराने ठिकानों पर अचानक कार्रवाई से उनका रोजगार पूरी तरह ठप हो गया है। रक्सौल से सटे होने के कारण इस कार्रवाई का प्रभाव सीमावर्ती व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ने की संभावना है।












