Shabd, AIR, HQ 21 May,
मोतिहारी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के आधिकारिक दौरे के अंतिम चरण में इटली की सफल यात्रा संपन्न कर नई दिल्ली लौट आए हैं। भारत और इटली ने द्विपक्षीय संबंधों को एक बड़ा विस्तार देते हुए अपने रिश्तों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में अपग्रेड करने का एलान किया है।
इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कृषि, महत्वपूर्ण खनिज, आयुर्वेद, विज्ञान व तकनीक तथा भारत से इटली जाने वाली नर्सों की गतिशीलता को सुगम बनाने सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही टैक्स अपराधों, मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर लगाम लगाने के लिए भी दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
रोम में अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ साझा प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इटली पूरी दुनिया में डिजाइन और प्रिसिजन के लिए जाना जाता है, जबकि भारत की पहचान स्केल, टैलेंट और किफायती नवाचार के पावरहाउस के रूप में है। उन्होंने कहा कि भारत और इटली अब ‘डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली एंड डिलीवर फॉर द वर्ल्ड’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि ‘भारत-इटली रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ ने सह-विकास और सह-उत्पादन का मार्ग प्रशस्त किया है। दोनों देश शिपिंग, बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स और ब्लू इकोनॉमी पर भी मिलकर काम करेंगे। यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनाव पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि दोनों देश एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, स्पेस इकोनॉमी और डिफेंस पर पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से मुलाकात की और खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें प्रतिष्ठित यूएन एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया गया। दोनों देशों ने वर्ष 2027 को ‘भारत-इटली संस्कृति एवं पर्यटन वर्ष’ के रूप में मनाने का भी निर्णय लिया है।












