देश वाणी। अनिल शर्मा।
मझौलिया। प्रखंड क्षेत्र में लौकी की फसल पर गुम्मी स्टेम ब्लाइट रोग का प्रकोप किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने घोड़ासेमरा गांव निवासी किसान रामदेव प्रसाद के खेत का निरीक्षण कर किसानों को इस रोग की पहचान और बचाव के उपाय बताए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने बताया कि लौकी के तने से गोंद जैसा चिपचिपा पदार्थ निकलना और पौधे का धीरे-धीरे सूखना इस रोग के मुख्य लक्षण हैं।

समय पर नियंत्रण न होने पर उत्पादन में 50 से 80 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। उन्होंने सलाह दी कि जो पौधे आधे से अधिक सूख चुके हैं, उन्हें जड़ सहित उखाड़कर नष्ट कर दें।

रोग नियंत्रण के लिए उन्होंने एजॉक्सट्रोबिन 18.2 प्रतिशत एवं डाईफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत का 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर शाम को छिड़काव करने और सप्ताह भर बाद दोबारा स्प्रे करने को कहा। इसके अलावा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्लू पी से तने व जड़ क्षेत्र में ड्रेंचिंग की सलाह दी गई। डॉ. सिंह ने जल निकासी और मिट्टी चढ़ाने पर भी जोर दिया।












