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अमेज़न की कैटफ़िश बिहार की नदी में, अदभुत मछली को देख ग्रामीण हैरान

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SHABD,कटिहार, September 14,

कोलासी नदी में इन दिनों एक अनोखी मछली चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बार मछुआरों के जाल में ऐसी मछली फंसी है, जो आम तौर पर अमेरिका की अमेज़न नदी में पायी जाती है। इस दुर्लभ मछली का नाम है — सकरमाउथ कैटफिश।

14 सितंबर, कटिहार (कटिहार, बिहार):

 कोलासी नदी में इन दिनों एक अनोखी मछली चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बार मछुआरों के जाल में ऐसी मछली फंसी है, जो आम तौर पर अमेरिका की अमेज़न नदी में पाई जाती है। इस दुर्लभ मछली का नाम है — सकरमाउथ कैटफिश।

इसकी बनावट न केवल कठोर और कांटेदार है, बल्कि इसकी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मछली के शरीर के ऊपरी हिस्से पर चार आंखों जैसी आकृति उभरी हुई है, जिसे देखकर ग्रामीण हैरान रह गए।

42 साल के अनुभव के बाद भी नहीं देखी ऐसी मछली

स्थानीय मछुआरे पारस महलदार ने बताया: “मैंने अपने 42 साल के पेशेवर जीवन में कभी भी ऐसी मछली नहीं देखी। जब मैंने कोलासी नदी में जाल डाला, तो यह अजीब मछली फंस गई। पहले तो मैं खुद डर गया, फिर फोटो खींचकर विशेषज्ञों को भेजा। तब जाकर पता चला कि यह ‘सकरमाउथ कैटफिश’ है।”

गांव-गांव से लोग देखने पहुंचे, सोशल मीडिया पर वायरल

मछली की तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया पर फैलीं, आसपास के गांवों से लोग इस रहस्यमयी मछली को देखने कोलासी नदी की ओर उमड़ पड़े। कई लोग इसे ‘विदेशी जीव’ मानकर अंधविश्वास से भी जोड़ने लगे।

क्या है सकरमाउथ कैटफिश?

यह मछली मुख्यतः अमेज़न बेसिन में पाई जाती है।आमतौर पर एक्वेरियम में पाली जाती है, घरों और होटलों की शोभा बढ़ाती है।

इसकी त्वचा कठोर और कांटेदार होती है। यह पानी के भीतर शैवाल और गंदगी खाकर पानी की सफाई में सहायक होती है

मछली की मौजूदगी पर वैज्ञानिक और प्रशासन चिंतित

जिला मत्स्य पदाधिकारी सनत कुमार सिंह ने बताया: 

“यह मछली आम तौर पर एक्वेरियम में पाई जाती है। संभवतः किसी ने इसे नदी में छोड़ दिया होगा। लेकिन इसका असर हमारी स्थानीय पारिस्थितिकी पर पड़ सकता है।”

उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यदि यह मछली गंगा नदी तक पहुंच गयी , तो यह रिवर रैंचिंग प्रोग्राम को प्रभावित कर सकती है।

क्या है रिवर रैंचिंग कार्यक्रम?

गंगा को स्वच्छ और जलीय जीवन के लिए अनुकूल बनाने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत लाखों मछलियों की अंगुलिकाएं नदी में छोड़ी जाती हैं

इसका उद्देश्य नदी में नाइट्रोजन युक्त प्रदूषण को कम करना, जलचर संतुलन बनाए रखना, और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है।यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत संचालित है

byte: पारस महलदार, मछुआरा

अन्य मछुआरा

सनत कुमार सिंह, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कटिहार

Caption :

कोलासी नदी में इन दिनों एक अनोखी मछली चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बार मछुआरों के जाल में ऐसी मछली फंसी है, जो आम तौर पर अमेरिका की अमेज़न नदी में पाई जाती है। इस दुर्लभ मछली का नाम है — सकरमाउथ कैटफिश।

Katihar | Villagers are surprised to see the Amazonian catfish in a river in Bihar. SHABD,कटिहार, September14,

Katihar kolasi river the Amazonian catfish, in Bihar,

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