Motihari | अनिल कुमार|
लड़की को शादी का झांसा देकर नेपाल के रास्ते गुजरात ले जाने की कोशिश में था।
स्वजन ने हरसिद्धि थाने में अपहरण को लेकर पहले ही दर्ज करा रखी थी प्राथमिकी।
रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी 47वीं वाहिनी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और सहयोगी संस्थाओं ने सक्रियता दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया। मैत्री पुल के पास नियमित जांच के दौरान टीम ने एक ऑटो-रिक्शा से भारत आ रहे संदिग्ध युवक को रोका, जिसके साथ एक नाबालिग लड़की भी सवार थी।
पूछताछ में युवक की पहचान पूर्वी चम्पारण के हरसिद्धि निवासी साहिल अंसारी के रूप में हुई। अभियुक्त ने नाबालिग लड़की को प्रेम जाल और शादी का झांसा देकर घर से भगाया था। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने खुलासा किया कि अभियुक्त उसे नेपाल के एक किराए के मकान में रखने के बाद अहमदाबाद ले जाने की फिराक में था। जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि अभियुक्त के प्रभाव में आकर लड़की ने खान-पान और धार्मिक मान्यताओं में भी बदलाव शुरू कर दिया था।
एसएसबी ने मामले की गहराई से पड़ताल की तो पता चला कि पीड़िता के परिजनों ने हरसिद्धि थाने में पहले ही प्राथमिकी (कांड संख्या 222/26) दर्ज करा रखी है। प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, स्वच्छ रक्सौल और जन जागरण संस्था के सहयोग से संचालित इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अभियुक्त और पीड़िता को अग्रिम कानूनी कार्रवाई हेतु हरैया थाना, रक्सौल को सौंप दिया गया है। इस सफल ऑपरेशन में एएचटीयू के स० उप०नि० खेमराज, हवलदार अरविंद द्विवेदी और महिला सुरक्षाकर्मियों सहित एनजीओ प्रतिनिधियों की मुख्य भूमिका रही।












