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मोतिहारी में भीषण सड़क हादसा : डुमरियाघाट में खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार कार, दो की मौत, तीन घायल

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मोतिहारी। डुमरियाघाट संवाददाता।


हादसा कब और कहां हुआ?

शनिवार की रात लगभग 1:30 बजे बिहार के डुमरियाघाट के पास, स्टेट हाईवे 74 पर जलवाटोली गांव के नजदीक एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार रेनो ट्राइबर कार, जो लखनऊ जा रही थी, सड़क पर खड़े एक खराब ट्रक से जा टकरायी। इस सड़क हादसे में दो लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये हैं।

मृतकों की पहचान – जन प्रगति पार्टी की संभावित महिला प्रत्याशी ज्ञांति देवी (40 वर्ष), निवासी नयागांव, केसरिया, पूर्वी चम्पारण– जन प्रगति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नीरज कुमार (59 वर्ष) निवासी मोतिहारी।


कैसे हुआ हादसा?

कार में पांच लोग सवार थे। वे नयागांव से लखनऊ किसी पार्टी मीटिंग के लिए जा रहे थे। रास्ते में एक खराब ट्रक, जो सड़क के किनारे बिना किसी चेतावनी संकेत या रेडियम स्टॉपर के खड़ा था, उससे तेज रफ्तार कार जा टकरायी।

अंधेरे और ट्रक पर रेडियम संकेत न होने के कारण कार चालक ट्रक को समय पर नहीं देख सका और कार उसके पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही चीख-पुकार मच गयी।


कौन-कौन थे कार में?

  1. नीरज कुमार (59 वर्ष) – जन प्रगति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, निवासी मोतिहारी।
  2. ज्ञांति देवी (40 वर्ष) – जन प्रगति पार्टी की संभावित महिला प्रत्याशी, निवासी नयागांव।
  3. मुन्ना प्रसाद – ज्ञांति देवी के पति।
  4. अनमोल कुमार (10 वर्ष) – ज्ञांति देवी का बेटा।
  5. चंद्रशेखर कुमार साह – निवासी बगही गांव, दरपा थाना क्षेत्र।

क्या हुआ इस हादसे में?

  • नीरज कुमार और ज्ञांति देवी की मौके पर ही मौत हो गई।
  • तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है।
  • घायलों को स्थानीय नर्सिंग होम ले जाया गया, फिर हालत गंभीर होने पर मोतिहारी और पटना रेफर किया गया।

ज्ञांति देवी के परिवार की स्थिति

ज्ञांति देवी के परिवार में तीन बेटियां (मुस्कान 17 वर्ष, अणु 15 वर्ष, सिमरन 13 वर्ष) और एक बेटा अनमोल (10 वर्ष) बचा है, जो खुद भी हादसे में गंभीर रूप से घायल है। उनके पति ट्रक चालक और मालिक हैं।


हादसे की वजह क्या रही?

  • ट्रक सड़क पर खराब होकर खड़ा था, लेकिन उसके पीछे रेडियम स्टॉपर या कोई चेतावनी संकेत नहीं था।
  • अंधेरे में ट्रक नहीं दिखा और तेज रफ्तार कार उससे टकरा गई।
  • अगर ट्रक चालक ने सुरक्षा के इंतजाम किए होते, तो यह हादसा टल सकता था।
  • कुछ लोगों का कहना है कि कार ड्राइवर की ऑख झपकने से यह हादसा हुआ।

प्रशासन की कार्रवाई

  • पुलिस ने ट्रक और कार को जब्त कर लिया है।
  • मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
  • परिजनों के आवेदन पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस और ग्रामीणों ने राहत व बचाव कार्य किया।

लोगों में गुस्सा-

इस हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन और परिवहन विभाग के प्रति आक्रोश है।
उनका कहना है कि खड़ी गाड़ियों के लिए रेडियम संकेत लगाना अनिवार्य होना चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


निष्कर्ष-

यह हादसा केवल एक राजनीतिक नुकसान नहीं, बल्कि एक परिवार की जिंदगी बदल देने वाली त्रासदी है। हादसे से यह स्पष्ट होता है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है।
जरूरत है कि सड़क पर खड़ी गाड़ियों के लिए चेतावनी संकेतों का पालन सख्ती से हो।

सबसे ज़रूरी– वाहन चालक को रात 1 बजे के बाद किसी लाइन होटल पर रुककर कम से कम आधा घंटा झपकी ले लेना चाहिए। रात में एक बजे के बाद झपकी आती और ड्राइवर को पता भी नहीं चलता।उसकी ऑंखे खुली होती है लेकिन वास्तव में वह नींद में होता है। इसीलिए रात में ज़्यादातर सड़क दुर्घटनाएँ रात में एक बजे के बाद होती है।


Motihari | Tragic Road Accident Near Dumariaghat: Two Dead, Three Injured as Speeding Car Crashes into Parked Truck

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