प्रति श्रद्धालु औसतन 22,727 रुपये का खर्च, विशेष ट्रेन से रवाना हुए यात्री
देशवाणी
बेतिया : बिहार सरकार की ओर से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व : 1000 वर्ष की अटूट आस्था’ कार्यक्रम के तहत 1100 श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क सोमनाथ यात्रा का आयोजन किया गया है। इस योजना के लिए कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को 2 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। कुल बजट के आधार पर प्रति श्रद्धालु औसतन लगभग 22,727 रुपये का व्यय निर्धारित होता है, जिसमें यात्रा, भोजन, आवास, प्रबंधन, यात्रा किट तथा अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च शामिल है।
इस यात्रा के लिए 20 जुलाई 2026 को विशेष ट्रेन पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन से 1100 श्रद्धालुओं को लेकर सोमनाथ धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा से पूर्व कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने स्टेशन का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के स्वागत, पंजीकरण, पेयजल, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था तथा सहायता केंद्र सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
यात्रा में शामिल प्रत्येक श्रद्धालु को एक विशेष यात्रा किट भी प्रदान की गई है। इसमें बैग, गंगाजल, सोनपापड़ी, नमकीन, कुकीज, सत्तू, स्टील का गिलास, चम्मच, टूथब्रश, टूथपेस्ट, जीभ साफ करने का उपकरण, कंघी, हैंड टॉवल, गमछा, पेन, ‘सोमनाथ यात्रा-2026’ पुस्तिका, यात्रा निर्देश कार्ड तथा महत्वपूर्ण संपर्क एवं विवरण कार्ड शामिल हैं।
श्रद्धालुओं का चयन राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया गया। हालांकि, कई जिलों में यात्रा संबंधी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण आम लोगों को समय पर इसकी सूचना नहीं मिल सकी। इच्छुक श्रद्धालुओं को संबंधित जिला पदाधिकारी अथवा जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय के माध्यम से आवेदन करना होता है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रत्येक जिले से लगभग 20 से 25 श्रद्धालुओं का चयन किया गया। विभागीय सचिव ने बताया कि यह यात्रा राज्य सरकार की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहल है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक धार्मिक यात्रा उपलब्ध कराना है।
पश्चिम चम्पारण जिले से इस यात्रा में शामिल रामस्नेही प्रसाद चौरसिया, सुनील कुमार गढ़वाल, निरंजन पंजीयार, राजेश गढ़वाल, अशोक सुब्बा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि उनकी भक्तिमय यात्रा उत्साह और उल्लास के साथ प्रारंभ हो गई है।












