Bettiah| हृदयानंद|
बेतिया राज की संगीत विरासत अब वैश्विक पटल पर, दुर्लभ ध्रुपद पांडुलिपियां हुई डिजिटल।
पंडित इन्द्र किशोर मिश्रा के पास सुरक्षित दस्तावेजों को ‘ज्ञान भारतम’ ऐप पर किया गया अपलोड।
बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिले की ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली हैं। बेतिया राज घराने से जुड़ी ध्रुपद संगीत की अत्यंत दुर्लभ और अनमोल पांडुलिपियों को अब डिजिटल रूप में ‘ज्ञान भारतम’ ऐप पर उपलब्ध करा दिया गया हैं।
सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक पंडित इन्द्र किशोर मिश्रा के निजी संरक्षण में सुरक्षित इन पांडुलिपियों में बेतिया महाराज द्वारा रचित विभिन्न रागों के ध्रुपद गीत शामिल हैं।
केंद्र सरकार के ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत इन ऐतिहासिक दस्तावेजों को संरक्षित किया गया हैं, जिससे अब दुनियाभर के संगीत प्रेमी और शोधकर्ता इस अनमोल विरासत तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ध्रुपद, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत की सबसे प्राचीन और गंभीर विधा मानी जाती हैं, उसके मूल दस्तावेजों का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना जिले के लिए गौरव की बात हैं।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्राचीन ज्ञान परंपरा को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करना हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की हैं कि वे ऐप के माध्यम से इस धरोहर का अवलोकन करें। साथ ही, यदि किसी के पास 70 वर्ष से पुरानी कोई अन्य पांडुलिपि हो, तो उसे पोर्टल पर अपलोड करें या प्रशासन को सूचित करें ताकि उसे भी संरक्षित किया जा सके।
Bettiah | Rare manuscripts of sangeet Dhrupad Gharana now on digital platform, uploaded on ‘Gyan Bharatam’ app.












