Motihari | Raxaul|अनिल कुमार|
व्यापारिक संगठनों की मांग और मीडिया में मुद्दा उठने के बाद प्रशासन ने लिया लचीला रुख।
नेपाल पुलिस को केवल अवैध तस्करी और बड़े व्यापारिक खेपों पर नज़र रखने का दिया गया निर्देश।
वीरगंज। नेपाल सरकार ने वीरगंज-रक्सौल सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए चेकपोस्ट पर दैनिक उपयोग के आवश्यक सामान ले जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के निरंतर प्रयासों और विरोध के बाद नेपाल सरकार ने यह सकारात्मक निर्णय लिया है, जिससे अब स्थानीय लोगों को राशन, दवाइयां, फल-सब्जियां और अन्य घरेलू जरूरतों के सामानों की आवाजाही में सुरक्षा बलों द्वारा रोका नहीं जाएगा।
नेपाल पुलिस और सीमा सुरक्षा इकाइयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल बड़े व्यापारिक माल या अवैध वस्तुओं की ही सघन जांच करें और आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न करें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व ही विभिन्न संगठनों ने 100 रुपये से अधिक की खरीदारी पर भन्सार (कस्टम शुल्क) लगाने के कड़े नियमों पर गहरी चिंता जताई थी और इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। नेपाल सरकार के इस नए फैसले का भारत विकास परिषद, रक्सौल चैंबर ऑफ कॉमर्स, लायंस क्लब, टेक्सटाइल चैंबर और इंडो-नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जोरदार स्वागत किया है। रजनीश प्रियदर्शी, बिमल सर्राफ और आलोक श्रीवास्तव सहित अन्य प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह कदम भारत-नेपाल के बीच सदियों से चली आ रही ‘बेटी-रोटी’ के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करते हुए ऐतिहासिक खुली सीमा की भावना के अनुरूप है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन सुगम होगा और दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और द्विपक्षीय संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
Birgunj | Nepal government takes a major decision, allowing shopkeepers to carry household goods.












